0 जिलाधिकारी ने राजकीय बहुउद्देशीय इकाई में चल रहे उद्यान विभाग के कार्यों का किया अवलोकन
शुभ न्यूज महोबा। जिलाधिकारी गजल भारद्वाज द्वारा शुक्रवार को राजकीय बहुउद्देशीय औद्यानिक इकाई, छतरपुर रोड महोबा में उद्यान विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने पौधशाला में स्थापित पान बरेजा की जानकारी लेते हुए पान के संरक्षण के लिए लिए पान फसल को प्रसस्करण करते हुए पान उत्पादों को प्रोत्साहित किए जाने के लिए सम्बन्धित विभागीय अधिकारी को निर्देशित किया।
इस मौके पर जिला उद्यान अधिकारी ने बताया गया कि प्राचीन समय से पान जनपद महोबा की प्रमुख फसल रही है। पान फसल के संरक्षण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत कृषक द्वारा क्षेत्रों में पान बरेजा का निर्माण कराया जाता है, जिसमें प्रति 1000 वर्गमी० पान बरेजा निर्माण पर कृषकों को 50453 रुपये अनुदान के रुप में डीबीटी के माध्यम से दिया जा रहा है। उन्होंने बताया किकृषकों को पान फसल में आ रही समस्याओं के त्वरित निदान एवं नवीन तकनीकी जानकारी प्रदान करने के लिए प्रदेश का एक मात्र पान प्रयोग एवं प्रशिक्षण केन्द्र जनपद महोबा में संचालित है, जिससे प्रति वर्ष जिले के अलावा प्रदेश के पान उत्पादक कृषकों को पान की नवीनतम कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जा रही है। बताया कि राजकीय बहुउद्देशीय औद्यानिक इकाई जिले की एक मात्र राजकीय फल पौधशाला है, जिसमें प्रति वर्ष फलदार पौधों का उत्पादन कर वृक्षारोपण कार्यक्रम अन्तर्गत कृषकों, जन सामान्य को निःशुल्क पौध वितरित किये जाते हैं साथ ही उद्यान विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना व बुन्देलखण्ड एवं विन्ध्य क्षेत्र में औद्यानिक विकास योजनान्तर्गत कृषकों को नगद दरों पर पौध उपलब्ध कराते हुये जिले में बागवानी क्षेत्र को बढ़ाया जा रहा है।
उद्यान विभाग द्वारा कराये जा रहे कार्यों का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी द्वारा पौधशाला में बिक्री के लिए उपलब्ध अवशेष पौधों के समयान्तर्गत निस्तारण कराये जाने के लिए मुख्यालय में आउटलेट स्थापित करने तथा जिला पंचायती राज अधिकारी, अधिशाषी अभियन्ता नगर पालिका परिषद, उपायुक्त श्रम रोजगार से समन्वय स्थापित करते हुये पौध उठान कराने के लिए निर्देशित किया गया। प्रभारी राजकीय पौधशाला देवीचरन कुशवाहा ने बताया गया कि वर्तमान में पौधशाला में अमरूद, नींबू, आंवला, कटहल, मोसम्मी, करौंदा, जामुन, सहजन, बेल आदि फलदार पौधों का उत्पादन किया जा रहा है जिसे आगामी वर्ष में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम अन्तर्गत कृषकों को निःशुल्क वितरित किया जायेगा।
