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नशे से दूरी है जरूरी" अभियान के अंतर्गत उत्कृष्ट विद्यालय टीकमगढ़ में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन डीआईजी ललित शाक्यवार ने विद्यार्थियों को दिलाया संकल्प - ‘नशा नहीं, शिक्षा हमारी पहचान’" शिक्षा की छांव में नशे पर प्रहार - एसपी मनोहर सिंह मंडलोई ने युवाओं को दी नई दिशा"


टीकमगढ़। पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश स्तर पर संचालित “नशे से दूरी है जरूरी” अभियान अंतर्गत आज दिनांक 25 जुलाई 2025 को पुलिस उपमहानिरीक्षक, छतरपुर रेंज ललित शाक्यवार एवं पुलिस अधीक्षक, टीकमगढ़ मनोहर सिंह मंडलोई के मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता में उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टीकमगढ़ में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विद्यार्थियों को नशामुक्ति के प्रति जागरूक करने हेतु एक भव्य एवं प्रभावी कार्यक्रम सम्पन्न हुआ ।उत्कृष्ट विद्यालय परिवार द्वारा आगंतुक अतिथियों पुलिस उपमहानिरीक्षक ललित शाक्यवार शाक्यवार एवं पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई का पुष्पगुच्छ एवं आत्मीय अभिनंदन के साथ स्वागत किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य:

कार्यक्रम का मूल उद्देश्य युवाओं को नशीली पदार्थों की ओर आकर्षित होने से रोकना, नशे के दुष्प्रभावों की गहराई से जानकारी देना, एवं समाज को नशामुक्त बनाने की दिशा में जागरूकता फैलाना रहा।

डीआईजी ललित शाक्यवार का प्रेरणास्पद उद्बोधन:

पुलिस उपमहानिरीक्षक श्री ललित शाक्यवार ने विद्यार्थियों को अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक शैली में संबोधित करते हुए कहा कि नशा व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता को क्षीण कर देता है तथा उसके शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक जीवन को बर्बादी की ओर धकेलता है। उन्होंने समाज में प्रचलित वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया कि किस प्रकार नशे की लत ने अनेक प्रतिभाशाली युवाओं के जीवन को चौपट कर दिया।

उन्होंने नशे से मुक्ति के व्यावहारिक उपाय, जैसे नियमित योग, ध्यान, खेलकूद, सकारात्मक संगति आदि पर विस्तृत चर्चा की तथा विद्यार्थियों को जीवन में आत्मनिर्भर, सशक्त एवं नशामुक्त बनने के लिए प्रेरित किया।

पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई का प्रेरणास्पद संबोधन :

पुलिस अधीक्षक महोदय ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नशे की परिभाषा, इसके शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं पारिवारिक दुष्प्रभावों की वैज्ञानिक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नशा न केवल व्यक्ति के जीवन को अंधकारमय करता है, बल्कि उसका सम्पूर्ण सामाजिक दायरा भी प्रभावित होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे सकारात्मक सोच, स्वस्थ जीवनशैली एवं अनुशासित दिनचर्या को अपनाकर जीवन में सफलता की ओर अग्रसर हों।

साथ ही उन्होंने शिक्षकों एवं अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों के व्यवहार में बदलाव पर सजग दृष्टि रखें तथा संवाद के माध्यम से उन्हें नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराएं।

सामूहिक शपथ एवं प्रेरणा :-

कार्यक्रम के अंत में डीआईजी एवं एसपी द्वारा उपस्थित समस्त विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अधिकारियों को "नशा न करने" एवं "नशामुक्त समाज के निर्माण" हेतु सामूहिक शपथ दिलाई गई। साथ ही विद्यार्थियों से संकल्प लिया गया कि वे स्वयं भी नशे से दूर रहेंगे और अपने साथियों को भी इसके प्रति जागरूक करेंगे।

सम्मान एवं आभार :

कार्यक्रम के समापन अवसर पर विद्यालय प्रबंधन एवं छात्र-छात्राओं द्वारा माननीय डीआईजी महोदय एवं पुलिस अधीक्षक महोदय को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया एवं उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया गया।

उपस्थित विशिष्टजन :

इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  विक्रम सिंह कुशवाह रक्षित निरीक्षक कनक सिंह चौहान, ट्रैफिक थाना प्रभारी कैलाश पटेल, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक उपेंद्र छारी, सूबेदार उत्तम सिंह, उप निरीक्षक मनोज द्विवेदी, मयंक नगाइच, प्रमोद शर्मा, प्रधान आरक्षक अनिल विश्वकर्मा, रहमान खान, रानू विश्वकर्मा सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारीगण, विद्यालय प्राचार्य  एस. के. श्रीवास्तव, समस्त शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।


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