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पेड़ में भगवान गणेश की उभरी आकृति |
छतरपुर/ छतरपुर जिले की राजनगर तहसील अंतर्गत ग्राम धवाड में एक खेत की मेड पर लगे पेड में भगवान गणेश की आकृति उभरी दिखाई देने पर यह पेड़ आस्था का केंद्र बन गया है इस पेड के दर्शन करने के लिए ग्रामीणों की भीड लगी हुई है लोग पेड़ के दर्शन कर पूजा अर्चना कर रहे है अब ग्रामीण इस पेड़ में साक्षात भगवान गणेश के होने की बात कह रहे हैं. यह पेड़ हाथी के आकार का दिख रहा है जिससे पेड़ की शाखा, हाथी के सूंड और सिर जैसे प्रतीत हो रहे हैं. जैसे-जैसे आस-पास के गांवों तक इसकी खबर मिल रही है, काफी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं ग्रामीणों की माने तो हाथी के सूंड और माथे जैसा दिखने वाला तना अब सिर्फ तना नहीं है. इस आकृति को ग्रामीण दिव्य और भगवान का चमत्कार बता रहे हैं.
इस पेड़ को भगवान गणेश का स्वरूप माना जा रहा है. पेड़ और आकृति गणेश की पूजा और आरती कर रहे हैं ग्रामीणों ने इसे अपने कैमरे में कैद कर सोशल मीडिया पर भी शेयर कर रहे हैं. वहीं पंडित सौरभ तिवारी बताते है कि "पेड़ों में भगवान की आकृति का मिलना एक धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व रखता है. खासकर हिन्दू धर्म में पेड़ की पूजा होती है. पीपल के पेड़ को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और इसमें 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास होता है. विशेष रूप से पीपल के पेड़ को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है. वहीं, तुलसी को भी पवित्र माना जाता है. इसे भगवान विष्णु की पत्नी देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है. इसे लोग घरों में लगाते हैं और इसकी पूजा अर्चना करते हैं वहीं महाराजा छत्रसाल बुन्देलखंड यूनिवर्सिटी में वनस्पति विभाग के प्रोफेसर पीके खरे ने बताया कि "कभी-कभी पेड़ की जड़ें ग्रोथ करती हैं तो एक दूसरे पर चढ़ जाती हैं. जिस कारण कई तरह की आकृति बन जाती है. जब कभी कोई पेड़ बढ़ता है तो नीचे पत्थर आने से वह दूसरी ओर बढ़ने लगता है और उसकी शाखा एक-दूसरे पर चढ़ जाती है. जैसे कई बार मूली में भी देखने को मिलता है कि वह कई प्रकार की आकृति बना लेती है. इस पेड़ से बनी आकृति को देखने का लोगों का अपना-अपना नजरिया है. जिससे लोग इसे आस्था से जोड़कर देख रहे हैं

