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टीकमगढ़ में पर्यूषण पर्व का शुभारंभ — जैन समाज ने किया धार्मिक उत्सवों का आगाज़,आदिनाथ धाम से गूँजे भक्ति स्वर, जैन मंदिरों में विशेष सज्जा और पूजन अनुष्ठान


टीकमगढ़, 28 अगस्त 2025 दिगंबर जैन समाज का सबसे बड़ा पर्व पर्यूषण पर्व आज गुरुवार से आरंभ हो गया है, जो आगामी 6 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के साथ संपन्न होगा। यह पर्व जैन समाज का शाश्वत पर्व है, जिसमें 10 दिनों तक व्रत, उपवास, एकासन, पूजन एवं विभिन्न धार्मिक क्रियाएं संपन्न की जाती हैं।


मंदिरों में विशेष सज्जा और प्रतिमा मार्जन


पर्व के आरंभ से पूर्व सभी जैनालयों में प्रतिमाओं का मार्जन कर विशेष सज्जा की गई है। शहर के 18 जैन मंदिरों में प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। बाजार जैन मंदिर में मुनि श्री 108 सौम्य सागर जी एवं जैयंत सागर जी महाराज का सान्निध्य प्राप्त हो रहा है।


आदिनाथ धाम में पूजन शिविर


प्रदीप जैन बम्होरी ने बताया कि शहर के बीचोबीच नंदीश्वर कॉलोनी स्थित आदिनाथ धाम त्रिकाल चौबीसी में पूजन शिविर का आयोजन किया जा रहा है।

गुरुवार को प्रातः 6:30 बजे से ही भक्तों का आगमन शुरू हो गया था। सुबह 7:00 बजे लघु शांति धारा, 7:30 बजे श्रीजी का अभिषेक व आरती तथा 8:00 बजे से विनय पाठ एवं दशलक्षण पर्व की विशेष पूजाएं प्रारंभ हुईं।


पूजन शिविर की धार्मिक क्रियाएं पंडित सुनील कुमार जी शास्त्री सौजना द्वारा कराई जा रही हैं। शास्त्री जी ने प्रवचन में कहा –

“उत्तम क्षमा ही जीवन का सार है। क्षमा के द्वारा हम इंद्रियों पर नियंत्रण पा सकते हैं। जीवन में क्षमा न हो तो कुछ भी नहीं है। हमारी निर्मलता किसी की कलुषता को मिटाए, यही क्षमा धर्म है।”


सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की झलक


पूजन शिविर में देवेंद्र जैन लार ने भक्ति संगीत की प्रस्तुति दी।

रात्रि कार्यक्रमों में 7:30 बजे श्रीजी की आरती, 8:30 बजे शास्त्र प्रवचन तथा 9:00 बजे से सांस्कृतिक आयोजन संपन्न हो रहे हैं।


दशलक्षण पर्व के 10 दिवस


जैन समाज में पर्यूषण पर्व के दौरान दशलक्षण धर्म का पालन किया जाता है—


1. प्रथम दिन — उत्तम क्षमा



2. द्वितीय दिन — उत्तम मार्दव



3. तृतीय दिन — उत्तम आर्जव



4. चतुर्थ दिन — उत्तम सत्य



5. पंचम दिन — उत्तम शौच



6. षष्ठम दिन — उत्तम संयम



7. सप्तम दिन — उत्तम तप



8. अष्टम दिन — उत्तम त्याग



9. नवम दिन — उत्तम आकिं

चन



10. दशम दिन — ब्रह्मचर्य एवं क्षमावाणी दिवस



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