0 सरस्वती विद्या मंदिर महोबा में संस्कृति बोध परियोजना महाअभियान के अंतर्गत प्रधानाचार्यों और परियोजना प्रमुखों की बैठक हुई सम्पन्न
शुभ न्यूज महोबा। हमारी भावी पीढ़ी संस्कृति की सम्वाहक बने और जो मूल्यों का पतन आज दीर्घकालीन दासता के कारण दिखाई दे रहा है, उसका समूल निराकरण करके संस्कृति का यश सर्वत्र विस्तारित करें। विद्या भारती ने विपुल व उच्चकोटि का साहित्य भी तैयार किया है, जिसमें कक्षा 3 से 12 तक अंग्रेजी व हिंदी माध्यम में संस्कृति ज्ञान परीक्षा की सचित्र पुस्तकें तैयार की है। विद्या भारती इस योजना को प्रत्येक भारतीय तक ले जाने के लिए कटिबद्ध है।
उक्त विचार विद्या भारती संस्कृति संस्थान, कुरुक्षेत्र (हरियाणा) द्वारा संस्कृति बोध परियोजना महाअभियान के अंतर्गत सरस्वती विद्याल मंदिर इंटर कालेज महोबा में गुरूवार को विद्या भारती और जन शिक्षा से संबद्ध विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं संस्कृति बोध परियोजना प्रमुखों की संपन्न हुई बैठक में क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना पूर्वी उत्तर प्रदेश के अभियान प्रमुख राजेंद्र देव त्रिपाठी ने किए। उन्होंने कहा कि इस दृष्टि से विद्या भारती ने संकल्प लिया है कि विद्या भारती का प्रत्येक घटक 15 दिनों का अभियान चलाएगा तथा इस अभियान के माध्यम से समाज के समस्त प्रबुद्ध वर्ग को अपनी गौरवशाली संस्कृति के उज्जवल पक्षों का बोध कराएगा। संस्कार केंद्र प्रमुख शिव सिंह ने कहा कि संस्कृति बोध परियोजना के जरिए भारतीय इतिहास, धर्म, परंपराएं, तीर्थस्थल, पवित्र नदियां और हमारे महापुरुषों की गौरवगाथा को जन जन तक पहुंचाया जा रहा है और यह अभियान वर्ष 1980 से चल रहा है। संस्कृति बोध परियोजना एक महा अभियान के रूप में संस्कृति ज्ञान परीक्षा कराते हैं इस अभियान में छात्रों को सरल और रोचक तरीके से भारतीय संस्कृति की मूल बातें सिखाई जाती हैं, जिससे वे अपने देश और उसकी परंपराओं पर गर्व कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि छात्रों को आधुनिक विज्ञान और तकनीक के साथ साथ अपनी संस्कृति और इतिहास का ज्ञान भी दिया जाए, तो एक आशाजनक और सशक्त समाज का निर्माण हो सकता है।
बैठक में झांसी संभाग के संभाग निरीक्षक राम प्रसाद तिवारी ने कहा कि आज के समय में भारतीय संस्कृति की महिमा को केवल देश में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में फैलाने की जरूरत है। इसी उद्देश्य से विद्याभारती ने उच्च गुणवत्ता का साहित्य तैयार किया है जिसे समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। कहा कि इस महाअभियान की सफल बनाने के लिए संस्था के आचार्य, पूर्व छात्र, विद्वत परिषद, मातृ भारती और प्रबंध समिति के सदस्य अपने अपने क्षेत्र के कम से कम 10 लोगों की इस योजना से जोड़ने का संकल्प लेंगे साथ ही संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन भी किया जाएगा, जिसमें कक्षा 8 से 12 तक के छात्र चार श्रेणियों-प्रवेशिका, मध्यमा, उत्तमा और प्रज्ञा-में भाग लेंगे। सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिया जाएगा। बैठक में विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह, बालिका विद्या मंदिर प्रधानाचार्या अर्चना वर्मा, शिशु शिक्षा निकेतन प्रधानाचार्य अरुण उपाध्याय, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज चरखारी के प्रधानाचार्य नवीन अवस्थी, शिशु शिक्षा निकेतन प्रधानाचार्य जगदीश, सरस्वती शिशु मंदिर चरखारी प्रधानाचार्य देवेन्द्र, कार्यक्रम संचालक संगीताचार्य जगप्रसाद, जयनारायण सहित सभी आचार्य और छात्र छात्राएं शामिल हुए।

