0 अकीदमंदों ने फातिहा के बाद मांगी अमन चैन की दुआएं, देर रात तक सजी कव्वाली की महफिल
शुभ न्यूज महोबा। शहंशाह-ए-बुंदेलखंड हजरत पीर मुकबारत शाह रहमत उल्लाह अलैह का तीन दिवसीय सालाना उर्स का मंगलवार की शाम को मजार का गुस्ल व संदल के साथ आगाज हो गया है। बुधवार को उर्स के पहले दिन बुंदेलखंडी जिलों के अलावा मुंबई, छत्तीसगढ़ राज्य से भारी संख्या में अकीदतमंदों ने आकर शिरकत की। मेहमानों के खानपान से लेकर ठहरने तक का इंतजाम सज्जादा नशीन द्वारा किया गया। उर्स के मौके पर आस्थाने पर अकीदतमंदों की भारी भीड़ जुट रही है। मंगलवार की रात संदल के बाद मौलाना और हाफिज द्वारा फातिहा पढ़ी गई और मुल्क की तरक्की, अमन और सुकून कायम की दुआएं मांगी गई। मजार परिसर पर कव्वाली की महफिल सजाई गई, जिसका लोगों ने देर रात तक लुफ्त उठाया।
मंगलवार को हजरत पीर मुकबारत शाह की दरगाह में सालाना उर्स शुरू होने से पहले गुस्ल और संदल उतारने की रस्म अदा की गई। ईशा की नमाज के बाद आस्ताना शरीफ में दरगाह के खादिमों द्वारा शहंशाह-ए-बुंदेलखंड की पाक मजार से संदल उतारना शुरू किया गया। संदल उतारे जाने के बाद इसे जायरीनों में तकसीम किया गया, जिसे लेने के लिए दरगाह में जायरीनों की भीड़ उमड़ पड़ी। संदल के मौलाना और हाफिजों ने फातिहा शुरू की, जिसे अहतिराम और सुकून के साथ अकीदतमंदों ने सुनी और दुआ में मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारा और सलामती मांगी। फातिहा के बाद सभी अकीदतमंदों को तर्बरूख वितरित किया गया। संदल के मौके पर सूफियाना कव्वालियों की महफिल सजाई गई, जिसमें महोबा, मौदहा, कम्हरिया के अलावा अन्य जिले के नामी गिरामी कव्वालों ने शिरकत की। सूफियाना कव्वाली का नौजवानों के साथ साथ बुर्जुगों ने देर रात तक लुत्फ उठाया।
हजरत पीर मुबारकशाह के सालाना उर्स के मौके पर गद्दी नशीन के यहां से चादर जुलूस निकाला गया, जो परम्परागत मार्गों से होता हुआ मजार ए अकदस पर पहुंचा। चादर जुलूस दौरान नरा-ए-तकबीर अल्लाह हो अकबर की सदाए बुलंद करते हुए अकीदतमंद चल रहे थे। मजार पर जैसे ही चादर जुलूस पहुंचा जोरदार तरीके से नारे लगाकर लोगों ने मजार पर चादर चढ़ाई, इसके बाद अकीदतमंदों द्वारा एक के बाद एक चादर चढ़ाने का सिलसिला शुरु हुआ जो काफी देर तक चलता रहा। बुधवार को फजर नमाज के बाद मदरसे के बच्चों के अलावा मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कुरान की तिलावत करेंगे। उर्स दौरान मजार परिसर में पुरुषों के अलावा महिलाओं की भारी भीड़ पहुंची और मजार पर फातिहा पढ़कर मन्नते मानी।


