टीकमगढ़। एक ओर जहां केंद्र और राज्य की भाजपा सरकार अयोध्या में प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि का भव्य विकास कर रही है, वहीं दूसरी ओर ओरछा—जहां श्रीराम राजा के रूप में विराजमान हैं—उसके सर्वांगीण विकास की दिशा में भी गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्रीय मंत्री श्रीमंत ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ओरछा के विकास हेतु एक विस्तृत प्रस्ताव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र के माध्यम से भेजा है।
यह पत्र भाजपा नेता विकास यादव की मांग पर तैयार किया गया है, जिसमें धार्मिक, सांस्कृतिक और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव और माँगें शामिल की गई हैं।
प्रमुख मांगें और प्रस्ताव
1. श्री लक्ष्मी मंदिर में मूर्तियों की स्थापना
ओरछा के मूर्तिविहीन श्री लक्ष्मी मंदिर में श्री लक्ष्मीनारायण की प्राण-प्रतिष्ठा का प्रस्ताव।
2. जहाँगीर महल का नाम परिवर्तन जहाँगीर महल का नाम बदलकर उस महारानी के नाम पर रखने की मांग, जिन्होंने श्रीराम को ओरछा लाने का कार्य किया था।
3. भव्य प्रतिमा की स्थापना श्रीरामराजा मंदिर के बाहर महारानी कुँवर गणेश की श्रीरामलला को गोद में लिए हुए प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव।
4. रेलवे स्टेशन का नामकरण और प्रतिमा स्थापना ओरछा रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर "महाराज मधुकरशाह ओरछा रेलवे स्टेशन" करने तथा उनकी आदमकद प्रतिमा लगाने का सुझाव।
5. ऐतिहासिक धरोहरों का जीर्णोद्धार ओरछा नगर से जुड़े सभी ऐतिहासिक भवनों का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण।
6. निर्धारित रंग योजना लागू करने का प्रस्ताव जयपुर की तर्ज पर ओरछा में सभी शासकीय-अशासकीय भवनों, दुकानों आदि के लिए निर्धारित रंग की अनिवार्यता लागू करने की मांग।
7. हवाई पट्टी और हेलीकॉप्टर सेवा ओरछा में हवाई पट्टी का निर्माण और प्रधानमंत्री हेलीकॉप्टर सेवा (पी.एम. श्री) शुरू करने का प्रस्ताव।
8. मंत्री परिषद् की बैठक की मांग महारानी कुँवर गणेश की पावन स्मृति में मध्यप्रदेश मंत्री परिषद की बैठक ओरछा में आयोजित करने की सिफारिश
पूर्व में स्वीकृत हो चुके हैं कई कार्य
केंद्रीय मंत्री सिंधिया पूर्व में ओरछा रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव, सीमित ऊंचाई वाले रेलवे अंडरब्रिज, ओरछा तिराहे से श्रीरामराजा मंदिर तक सड़क निर्माण और जेरोन-बासवान सड़क जैसे कई विकास कार्यों को स्वीकृति दिलवा चुके हैं।
यह प्रस्ताव ओरछा को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

