![]() |
| छतरपुर जिले में खाद के लिए किसान परेशान |
छतरपुर। अत्यधिक बारिश के चलते खरीफ की फसल से हाथ धो चुके किसान अब रबी की फसल से उम्मीद लगाकर बैठे हैं लेकिन इसके लिए उन्हें अभी से जद्दोजहद करनी पड़ रही है। दरअसल जिले की समितियों में खाद न होने के कारण किसान जिला मुख्यालय के खाद वितरण केन्द्र पर पहुंच रहे हैं और इसीके चलते यहां किसानों की भारी भीड़ जमा हो रही है। गुरुवार को जिला मुख्यालय के नौगांव रोड पर स्थित खाद वितरण केन्द्र में हजारों की संख्या में किसान पहुंच गए जिस कारण से अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया और बाद में पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। इसी बीच कुछ किसानों ने शासन-प्रशासन से सवाल करते हुए कहा कि जब शराब की दुकान हर गांव में हो सकती है तो खाद वितरण केन्द्र क्यों नहीं?
ग्राम सौंरा के किसान मूलचंद अहिरवार ने बताया कि वे एक दिन पहले खाद लेने के लिए छतरपुर केन्द्र पर आए थे। चूंकि वे सुबह 8 बजे केन्द्र पर पहुंचे थे इसलिए उनका नाम वितरण पंजी में नहीं लिखा गया था और वे वापिस लौट गए थे। इसके बाद आज पुन: वे सुबह 6 बजे केन्द्र पर आए। मलूचंद के मुताबिक आज उनका नाम लिखकर टोकन तो दे दिया गया है लेकिन दोपहर 12 बजे तक उन्हें खाद नहीं मिला है। उन्होंने यह भी बताया कि स्थानीय समिति में अभी खाद वितरण नहीं किया जा रहा है, जिस कारण से उन्हें जिला मुख्यालय तक खाद लेने के लिए आना पड़ा। ग्राम देरी के किसान मानिक लाल कुशवाहा ने कहा कि समितियों में खाद वितरण न होने के कारण बड़ी संख्या में किसान खाद लेने के लिए छतरपुर आ रहे हैं, जिस कारण से अव्यवस्था फैल रही है। उन्होंने बताया कि छतरपुर के केन्द्र पर न तो किसानों के लिए छाया की व्यवस्था है और न ही पेयजल की। ऐसे में घंटों लाइन में खड़े रहना किसानों के लिए भारी परेशानी का कारण बना है। ग्राम नैगुवां के किसान कमलेश कुशवाहा और ग्राम सुकवां के पप्पू पटेल ने बताया कि वे सुबह 7 बजे से लाइन में लगे हैं लेकिन दोपहर तक उन्हें खाद नहीं मिला। भीड़ को व्यवस्थित करने मौके पर पहुंचे सीएसपी अरुण कुमार सोनी ने बताया कि केन्द्र पर अधिक भीड़ के कारण अफरा-तफरी की स्थिति बन गई थी, जिसकी सूचना मिलते ही हमने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में लिया। टोकन के माध्यम से किसानों को खाद वितरण कराया जा रहा है।

