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न्यूज महोबा। विकासखंड कबरई के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंपोजिट प्रेमनगर
में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात एक शिक्षक ने सोमवार को अपने घर पर फांसी
लगाकर आत्महत्या कर ली। शिक्षक के आत्महत्या करने के बाद भारी संख्या में
जिला अस्पताल में शिक्षक पहुंच गए और और साथी शिक्षक की मौत पर दुख जताया।
वहीं बेसिक शिक्षक संघ पुराने शिक्षकों पर भी टेट पास करना अनिवार्य कर दिए
जाने से शिक्षक की मौत को जोड़कर देख रहा है।
मूलरुप से ग्राम भंड़रा निवासी मनोज कुमार साहू की नियुक्ति मृतक आश्रित के रुप में हुई थी, जिस कारण उसने बीटीसी और टीईटी की परीक्षा नहीं की थी। कारण नियुक्ति के समय टेट की परीक्षा नहीं कराई जाती थी। 01 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश जारी कर शिक्षकों को दो वर्ष के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य कर दिया है। बताया जाता है कि इस आदेश के बाद से शिक्षक मनोज कुमार मानसिक रूप से तनाव में रहने लगे थे। उन्होंने कई शिक्षकों से फोन पर टेट परीक्षा के बावत बात भी की और अब इस उम्र में टेट की परीक्षा को लेकर चिंता भी जताई। शिक्षक मनोज कुमार वर्तमान में शहर के लक्ष्मी गेस्ट हाउस के पीछे मोहल्ला गांधीनगर में मकान बनाकर परिवार के साथ रह रहे थे। वह दो माह पहले पूर्व माध्यमिक विद्यालय मामना में प्रधानाध्यापक के पद पर तैनात थे, लेकिन मामना के जूनियर स्कूल में छात्र संख्या कुछ कम होने के कारण वहां के प्रधानाध्यापक का पद समाप्त कर उनका स्थानांतरण प्रेमनगर में कर दिया गया था।
करीब एक माह पहले उन्होंने पूर्व माध्यमिक विद्यालय कंपोजिट प्रेमनगर का कार्यभार ग्रहण किया था। इधर 1 सितम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने टेट परीक्षा अनिवार्य करते हुए दो साल के अंदर परीक्षा पास करने का आदेश जारी किया, इससे अन्य शिक्षकों की तरह मनोज कुमार भी मानसिक रुप से खासा परेशान रहने लगे और सोमवार को उन्होंने अपने घर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उधर प्राथमिक शिक्षक संघ के ब्लाक अध्यक्ष भगत सिंह राजपूत ने बताया कि रविवार को उनकी शिक्षक मनोज कुमार साहू से जब बात हुई तो वह टेट परीक्षा को लेकर चर्चा कर रहे थे और परेशान भी दिख रहे थे और रविवार को सुबह करीब सवा चार बजे उन्होंने व्हाटएप ग्रुप में गुडमॉर्निंग कहा फिर योगा करने की बात कहकर छत पर चले गए।


