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पलेरा के प्रखर विश्वकर्मा ने अंतरिक्ष विज्ञान में हासिल की बड़ी उपलब्धि


टीकमगढ़ । जिले के पलेरा निवासी प्रखर विश्वकर्मा वर्तमान में बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के छात्र हैं।अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन हाल ही में प्रखर ने अंतरराष्ट्रीय खगोल और खगोल भौतिकी प्रतियोगिता 2025 के फ़ाइनल चरण में शानदार प्रदर्शन किया।

विश्वभर से आए हज़ारों प्रतिभागियों में से उन्होंने अपने ज्ञान और परिश्रम के दम पर शीर्ष 25 प्रतिशत प्रतिभागियों में स्थान प्राप्त कर फ़ाइनलिस्ट प्रमाणपत्र हासिल किया

भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन में भी नवाचार पेश किया

प्रखर ने भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन 2025 में भी भाग लिया, जो इसरो और अन्य प्रमुख संस्थानों से प्रेरित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता है।

इसमें उनके अभिनव विचार और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के प्रति दृष्टिकोण को सराहते हुए उन्हें प्रशंसा प्रमाणपत्र प्रदान किया गया।

प्रखर का सपना – भारत बने अंतरिक्ष नेतृत्वकर्ता

अपनी सफलता पर प्रखर ने कहा—

“अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी मेरा सपना और मेरा लक्ष्य है। मैं चाहता हूँ कि आने वाले वर्षों में भारत अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्व का नेतृत्व करे। इसी उद्देश्य से मैं निरंतर शोध और नवाचार पर कार्य कर रहा हूँ।”

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत

प्रखर की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार और संस्थान बल्कि पूरे मध्यप्रदेश और भारत के लिए गौरवपूर्ण है। उनकी लगन और प्रतिभा आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और छात्रों को विज्ञान एवं तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

🌍 पलेरा के प्रखर विश्वकर्मा की अंतरिक्ष विज्ञान में बड़ी उपलब्धि

🔹 मूल निवासी – टीकमगढ़ जिले के पलेरा के रहने वाले।

🔹 शिक्षा – बंसल इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, भोपाल में मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र।

🔹 अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि –

अंतरराष्ट्रीय खगोल और खगोल भौतिकी प्रतियोगिता 2025 में फ़ाइनलिस्ट।

शीर्ष 25 प्रतिशत प्रतिभागियों में स्थान।

🔹 राष्ट्रीय उपलब्धि –

भारतीय अंतरिक्ष हैकाथॉन 2025 में अभिनव विचार प्रस्तुत।

इसरो और प्रमुख संस्थानों द्वारा प्रशंसा प्रमाणपत्र से सम्मानित।

🔹 प्रखर का सपना –

“भारत को अंतरिक्ष क्षेत्र में विश्व का नेतृत्वकर्ता बनाना।”

निरंतर शोध और नवाचार पर काम कर रहे हैं।

🔹 गौरव का क्षण –

परिवार, संस्थान, मध्यप्रदेश और भारत के लिए सम्मान।

आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत।









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