शुभ न्यूज महोबा। कबीर अमृतवाणी सत्संग समिति के तत्वावधान में रविवार को शहर के संत कबीर आश्रम में सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सत्संग की शुरूआत कबीर वंदना से की गई और इसके बाद कबीर दोहा की विस्तार से वक्ताओं ने सत्य और झूठ से जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव पर चर्चा की वहीं गायको ने भजनों से वातावरण को भक्तिमय बनाया। समिति प्रमुख डॉ. एलसी अनरागी ने कहा कि सत्य से बढ़़कर कोई धर्म नहीं और झूठ से बढ़कर कोई पाप नहीं है।
उन्होंने कहा कि सत्य का जीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जिससे मानसिक शांति, आत्मविश्वास, और आंतरिक शक्ति मिलती है; यह व्यक्ति को निर्भय, ईमानदार, और जिम्मेदार बनाता है; और जीवन के हर क्षेत्र में, चाहे वह व्यक्तिगत संबन्ध हो या व्यावसायिक कार्य सफलता और सही दिशा की ओर मार्गदर्शन करता है, क्योंकि सत्य ही परमात्मा का स्वरूप है और जीवन का सार है। समिति प्रमुख ने कहा कि झूठ बोलने वाले व्यक्ति के लिए सफाई देना और अपने कार्यों के लिए व्यक्तिगत ज़िम्मेदारी से बचने के अहंकार का काम करता है साथ ही विश्वास व रिश्तों पर विपरीत असर डालता है। उन्होंने सांस बराबर तप नहीं झूठ बराबर पाप, जाके हृदय सांच है ताके हृदय आप की विस्तार से व्याख्या की।
पंडित हरिशंकर नायक ने कहा कि जिस तरह दूध में घी रहता है, उसी तरह कबीर की आधी साखी में चारो वेदो का निचोड़ है। उन्होंने बलिहारी व वा दूध की जामे निकसे घीव आधी साखी कबीर की चार वेद का जीव की विस्तार से व्याख्या की। गायक इंद्रजीत ने कबीर का शानदार भजन करम गति टारै न टरै सुनाया। रामऔतार सैन ने कबीरी भजन कब भजहौ सतनाम की प्रस्तुति दी। कामता प्रसाद चौरसिया ने भजन जन मन मेरे आठों याम सुनाया। पंडित आशाराम तिवारी ने कहा कि सत्संग करने से धर्म, अर्थ काम व मोक्ष की प्राप्ति होती है। कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना पढ़ी कि कबीर साहब दुखियो का सहारा बन जाइए, डूबती नैया को पार लगाइये। सुनीता अनुरागी ने समाज में व्याप्त कुरीतियां को समाप्त करने के लिए कबीर के विचारों को आत्मसात करने पर बल दिया। इस मौके पर लखनलाल, राजाराम, चौरसिया, चंदन अनुरागी सहित तमाम कबीरी भक्त मौजूद रहे।
कबीर सत्संग में सत्य झूठ से जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव से कराया रूबरू
December 21, 2025
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