0 मोहल्ला चौसियापुरा की मस्जिद कमेटी ने हाफिज को दिया 60786 रुपये का नजराना
शुभ न्यूज महोबा। रमजानुल मुबारक की 27वी शब को मुहल्ला चौसियापुरा की मस्जिद में हाफिज कारी मुईन साहब ने तरावीह पढ़कर कुरआन मुकम्मल किया गया। तरावीह खत्म होने के बाद हाफिज ने रमजान की फजीलत पर तकरीर की गई, इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और मुल्क की तरक्की, आपसी भाईचारा बनाए रखने के साथ साथ बीमार लोगों को शिफा के लिए दुआएं की गई। तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज साहब को मस्जिद की कमेटी के लोगों ने फूल माला पहलनाकर 60786 रुपये नजराना पेश किया। आखिर में आए हुए सभी लोगों को तबर्रूख दिया गया।
शहर के मुहल्ला चौसियापुरा में इशा की नमाज के बाद हाफिज ने तरावीर में कुरआन का तीसवां पारा पढ़कर तरावीह मुकम्मल की। तरावीह के बाद नातिया कलाम पेश किए गए, जिसे लोगांं ने खमोशी के साथ सुना। इसके बाद फातिहा पढ़ी गई और देश की तरक्की और आपसी भाईचारे के साथ लोगों को हर परेशानी और बीमारियों से शिफा की दुआं मांगी गई। मस्जिद की कमेटी नं तरावीह पढ़ाने वाले हाफिज का फूल माला पहनाकर इस्तिकबाल किया गया साथ ही 60786 नगद राशि, कपड़े मिठाई आदि नजराने के तौर पर दिया गया। तरावीह सुनने वालों ने भी हाफिज ए कुरआन से मुसाफा कर उनके गले मिले और इत्र लगाया।
तरावीह मुकम्मल होने के बाद दावते इस्लामी के मैराज अत्तारी ने मुस्लिमों से अपने बच्चों को हाफिज ए कुरान बनाए जाने पर जोर दिया, जिससे उस बच्चे के हाफिज बनने से उसका बेड़ा पार होगा साथ ही उसक मां बाप को भी जन्नती लिबास पहनाया जाएगा। कहा कि आलिमेदीन और हाफिज ए कुरान करने वालो की इज्जत करें और उन्हें हाफिज बनने में मदद करते हैं तो इंशा अल्लाह ऐसे मददगार लोगों के लिए अल्लाह जन्नत के दरवाजे खोल देगा। कहा कि रमजान की शबे-ए-कद्र की इबादत इसलिए खास बन जाती है, क्योंकि इसी रात कुरआन को आसमान से दुनिया में उतारा गया था। इस रात लोगों को नफिल नमाजे अदा करना चाहिए। कुरआन की तिलावत के साथ कुरआन मुकम्मल होने पर बक्शा जाना चाहिए।

