कलेक्टर के पास पहुंची फाइल, लापरवाहों पर होगी कार्यवाहीछतरपुर। हरदा में आतिशबाजी की फैक्ट्री पर हुए भीषण हादसे में 13 लोगों की मौत होने के बाद प्रदेश भर में प्रशासन की नींद टूटी है और अब आतिशबाजी के गोदामों व फैक्ट्रियों पर जांच-पड़ताल की जा रही है। इसी क्रम में छतरपुर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमों ने भी पिछले तीन दिनों में कई स्थानों पर आकस्मिक निरीक्षण कर नियमों की जांच की है। इस जांच में ही कई खामियां उजागर हुई हैं अब ऐसे लोगों पर कब तक कार्यवाही होगी यह भविष्य में सामने आएगा।एडीएम नम:शिवाय अरजरिया ने बताया कि जिले भर में ऐसे 18 विस्फोटक गोदामों पर जांच-पड़ताल की गई। इनमें से कई आतिशबाजी कारोबारियों के गोदाम हैं तो कई डायनामाइट ब्लास्टिंग कारोबार से जुड़े लोगों के गोदाम हैं। कार्यवाही के दौरान खुलासा हुआ कि चार स्थानों पर बगैर लाइसेंस के ही विस्फोटक सामग्री का भण्डारण किया गया था। इसके अलावा कई स्थानों पर एक्सपायर हो चुके अग्रिशामक यंत्र लगे पाए गए। कई स्थानों पर बिजली के तार लटकते मिले, कई गोदामों में कोई सुरक्षाकर्मी भी नहीं मिला। इन सभी गोदामों की जांच का प्रतिवेदन बनाकर कलेक्टर को भेज दिया गया है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे लोगों के विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित होगी।
क्या हैं विस्फोटक भण्डार के नियम
निर्धारित मात्रा से अधिक भण्डारण नहीं, स्टॉक पंजी में दर्ज विस्फोटक की मात्रा, क्रेताओं की सूची, भण्डार कक्ष कक्ष की दीवालों एवं दरवाजों में लकड़ी एवं फ्लेमेबल आयरन न हो। अग्रिशमन हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं जैसे फायर फायटर, फायर बॉक्स, रेत आदि है या नहीं। कर्मचारियों की सूची, चरित्र सत्यापन, बाल श्रमिक न हों, मानसिक रोगी न हों, भण्डारण स्थल के सेड आमने-सामने न हों, भण्डारण स्थल पर ज्वलनशील पदार्थ तेल, डीजल, लैम्प, बत्तियां न हों, लाइट का खुला तार न हो। भण्डारण स्थल आबादी, स्कूल, अस्पताल के नजदीक न हो। भण्डारण स्थल रेखांकित स्थान पर ही हो। भण्डारण वाहन परिवहन हेतु निश्चित होगा। भण्डारण स्थल पर अन्य सामग्री भण्डारित नहीं होगी। निर्धारित संख्या में सुरक्षाकर्मी हों, भण्डारण कक्ष की दीवार सामग्री भण्डार से दो मीटर ऊंची होगी। छत आरसीसी/ऐस्टवेस्टॉस/जीआई सीट से बनी हों। दीवारें ईंट/पत्थर/ कांक्रीट की बनी है। भण्डारण सामग्री के प्रत्येक पैकेट पर उसका वजन, डिटेल आदि का लेख होगा।
इनका कहना-
विस्फोटक के भण्डारण की जांच की जा रही है जहां कमियां पायी गई हैं उन्हें पूरा कराया जा रहा है। रिहायशी क्षेत्र में बने भण्डार को हटा दिया गया है लाईसेंसधारी संबंधित विक्रेताओं पर लीगल कार्यवाही की जाएगी।
संदीप जीआर, कलेक्टर

