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देव आस्था पुस्तकालय ने आचार्यश्री को किए श्रद्धासुमन अर्पित

समीर खान, टीकमगढ़। संत शिरोमणि आचार्यश्री विद्यासागरजी महाराज के देवलोक गमन से एक आध्यात्मिक युग का अंत, परिवर्तन और संपूर्ण जैन समाज के सामने बड़ा शून्य खड़ा हो गया है । पूरा समाज व्याकुल शोकाकुल है। उनका आशीर्वाद मार्गदर्शन समाज के हर कार्य सामाजिक धार्मिक एवं समस्या समाधान के लिए सदेव मिलता रहा है उनका त्याग तपस्या अभूतपूर्व रही।अनेक शास्त्रों पुस्तकों का लेखन आगे आने  वाले समय के लिए महत्वपूर्ण योगदान है राष्ट्रीय एवम राजकीय स्तर पर जैन धर्म  जैन साधु संतों समाज को विशेष पहचान बनाने में आपका महत्वपूर्ण भूमिका रही और यही कारण रहा की देश के सर्वोच्च राजनैतिक आपके चरणों में दर्शनार्थ पधारते रहे जिनमे वर्तमान राष्ट्रपति प्रधानमंत्री और अनेक मंत्री रहे। गुरु छाया से दूर होने पर दुख होना स्वाभाविक है पर यह सोच कर मन को शांति मिलती है की हमारे गुरुवर देव बनकर विदेह क्षैत्र में विराजमान समोशरण में भगवान के चरणों में विराजित  होंगे। आचार्यश्री के देवलोक गमन पर नगर के देव आस्था पुस्तकालय के सदस्यों ने श्रद्धांजलि सभा आयोजित कर गुरूवर के चरणों में अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर पवन घुवारा ने महाराजश्री के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके त्याग व मानव जीवन कल्याण के बारे  बताया।

गुरूवर को पपाैरा जी में दी विनयांजलि अनेक लोग रहे मौजूद



टीकमगढ़। आध्यात्म जगत के राजहंस जैन जगत के परम पुरोधा वर्तमान जिन शासन के उत्तायक चर्या शिरोमणी संत चूड़ामणी एकमाटरी महाकाव्य के सृजेता असख्य व्रत धारी परम तपस्वी आचार्य श्री 108 विद्यासागरजी महामुनिराज की संलेखना पूर्ण सहज समाधि पर विनयाञ्जलि स्वस्यश्री 1008 अतिशय क्षेत्र पपौराजी प्रबंध समिति ने किात सायं एक घंटे का भक्तामर पाठ आयोजित कर विनम्र संवेदना व्यक्त की। जैन जगत के सर्वमान्य दिगम्बर संत शिरोमणी के सुनिश्चित देह वियोग पर श्रीदिसम्बर जैन अतिशय क्षेत्र पपौराजी में आयोजित विनयांजलि सभा में न केवल गुरुदेव के 56 वर्षों की समाज सेवा पर प्रकाल डाला गया। अपितु उनके दीक्षित करीब 1000 शिष्यों व्रतियों की धर्म साधना का भी अनुमोदन किया गया। चार वर्ष पूर्व इसी क्षेत्र पर किये गए चातुर्मास की भूरि भूरि प्रशंसा की गयी। आपके डाटा चलाये गए हतकरखा गौशाला चिकित्सा प्रकल्प प्रतिभा स्थली एवं भारत देश की प्रभावना की भी सराहना की गई। इस अवसर पर दर्शनार्थियों तीर्यटन पर आये साधर्मियों सहित प्रबंध करिणी समिति के सुनील जैन प्रेस पुष्पेन्द्र जैन केशवगढ़ अरुण जैन पटवारी पवन जैन सतभैया अरुण जैन सुनवाहा अजय मोदी अभय तेवरैया कैलाशचर जैन राकेश  मड़‌वैया राकेश चदावली विनय सुनवाहा विजय तेवरैया सहित समाज के गणमान्य जनों ने विनयांजलि व्यक्त की। इस दौरान पवन जैन अनिल जैन कमलेश महेश चौधरी मनोज सहित अनेक लोग उपस्थित रहे। सभा का संचालन डॉ धार्मिक जैन ने किया एवं अाभार सुनील जैन  ने व्यक्त किया।


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