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आध्यात्म बिखराव नहीं बल्कि आध्यात्म तो ईश्वर से जुड़ाव का नाम है : बीके शैलजा




छतरपुर। मूल्यनिष्ठ क्या है? हम सभी जानते हैं कि मनुष्य के जीवन की जो वैल्यू है, मूल्य हैं वह उसके चरित्र के आधार पर हैं। गायन है कि बड़े भाग्य मानुष तन पावा माना मनुष्य का जीवन हीरे तुल्य है परंतु यह जीवन हीरे तुल्य कब है? जब इस जीवन के अंदर दिव्यता है, दिव्य गुण है, पवित्रता है, सरलता है, मधुरता है, संतुष्टता है यह हमारे जीवन मूल्य है और जब यह मूल्य हमारे जीवन का स्वभाव बन जाते हैं उसे हम कहते हैं मूल्यनिष्ठ जीवन। यह सब जीवन मूल्य हमारे अंदर आध्यात्मिकता से आते हैं। सबको लगता है कि आध्यात्मिकता घर परिवार छुड़वाता है लेकिन आध्यात्मिकता बिखराव का नाम नहीं है आध्यात्म तो जोडऩे का नाम है। परमात्मा शिव पिता हमसे कहते हैं कि छोडऩा है तो व्यसनों को छोड़ो, बुराइयों को छोड़ो न कि घर परिवार को छोडऩा है।उक्त उद्गार प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय किशोर सागर में ब्रह्माकुमारीज़ के व्यापार एवं उद्योग प्रभाग के अंतर्गत गहोई वैश्य समाज के व्यापारी वर्ग लिए मूल्यनिष्ठ समाज बनाने नई आशाएं लाई शिव जयंती फिर है आई विषय पर आयोजित कार्यक्रम में छतरपुर सेवाकेंद्र प्रभारी बीके शैलजा ने व्यक्त किये।इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में गहोई समाज अध्यक्ष प्रेम नारायण रूसिया, गहोई महिला मंडल अध्यक्ष संगीता टिकरिया, हम फाउंडेशन जिला अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता, पंच समिति के अध्यक्ष ब्रजमोहन रावत, यूथ क्लब अध्यक्ष रवि नीखरा उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रारंभ कु अदिति के शिव महिमा के नृत्य से हुई उसके बाद अतिथियों एवं पूरी सभा का स्वागत किया गया तत्पश्चात कु अंजली के द्वारा स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया गया।इस अवसर पर विश्वनाथ सेवाकेंद्र प्रभारी बीके रमा ने परमात्मा शिव का सत्य परिचय और शिवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य बताया। इस कार्यक्रम में गहोई समाज के भाइयों के साथ सभी मातृ शक्तियों ने भी भाग लिया। इस मौके पर बीके रीना ने गहोई परिवार की होने के नाते अपने बंधुजन के सामने अपने आध्यात्मिक जीवन के अनुभव साझा किये और आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता जीवन में क्यों है इस पर प्रकाश डाला।गहोई समाज अध्यक्ष प्रेम नारायण रूसिया ने सभी ब्रह्माकुमारी बहनों का इतने अच्छे आयोजन के लिए धन्यवाद किया तत्पश्चात सभी ने परमात्मा शिव की आरती की और ईश्वरीय प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में लगभग 200 लोगों ने भाग लिया और सभी के चेहरे पर एक प्रसन्नता की झलक दिखाई दी।

 


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