महोबा। सरकारी राशन दुकानों में घटतौली की शिकायत पर विभाग द्वारा पुरानी मशीनों को बदलकर नई पाॅस मशीने कोटेदारों को दी गई, जिससे राशन कार्ड धारकों को सही तौल के साथ खाद्यान्न मयस्सर हो सके और घटतौली में अंकुश लग सके, लेकिन राशनकार्ड धारकों के लिए यह मशीने मुसीबत बन गई है। पाॅस मशनों में कार्डधारकों का अंगूठा वैरिफिकेशन न होने के कारण राशनकार्ड धारकों को घंटों कोटे की दुकान में राशन सामग्री लेने के लिए खड़ा रहना पड़ता है। इतना ही नहीं वितरण और मौल मशीन को आपस में कनेक्ट कर दिए जाने से भी उपभोक्ताओं को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। मशीनों के काफी देर बाद अंगूठा शो करने पर ही कार्डधारकों को राशन सामग्री वितरित की जाती है, जिससे कोटे में भारी भीड़ एकत्र हो रही है।राशनकार्ड धारकों ने बताया कि पांच यूनिट वाले उपभोक्ता को पहले 15 किग्रा0 चालव तौल कर दिया जाएगा और इसके बाद तत्काल दस किग्रा गेहूं तौलकर वितरित किया जाएगा। इसमें हीला हवाली या देर करने पर फिर मशीन काम करना बंद कर देगी, जिससे उसे गेहूं पाने के लिए काफी देर तक इंतजार करना पड़ता है। इस व्यवस्था के चलते कार्ड धारकों को राशन सामग्री पाना टेड़ी खीर हो गई है। 15 फरवरी से शुरू हुआ राशन सामग्री का कार्य पांच दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक 40 फीदसी लोगों को राशन सामग्री का वितरण नहीं हो सका है। शासन द्वारा घटतौली को रोकने के लिए मशीनों की व्यवस्था की गई थी, जो कार्डधारकों के लिए मुसीबत बन गई है।गौरतलब है कि पूर्व में कार्डधारकोें की जरूतर के अनुसार उन्हें गेंहू और चावल दे दिया जाता था, लेकिन अब कोटेदार चाह कर भी ऐसा नहीं कर सकेंगे। एक यूनिट पर तीन किग्रा0 चार और दो किग्रा0 गेहूं दिए जाने का प्रावधान है, इसी के मुताबिक ही कार्डधारकों को राशन सामग्री वितरित की जाएगी। इतना ही नहीं कार्डधारक अब चावल कम और गेहूं अधिक नहीं ले सकेंगे। इन नई पाॅस मशीनों के चलते जहां राशनकार्ड धारकों को राशन सामग्री पाने के लिए कोटे के कई कई चक्कर लगाना पड़ रहे हैं, तो वहीं कोटेदार भी उपभोक्ता का अंगूठा बार बार लगवा कर परेशान हो रहा हैै।
राशनकार्ड धारकों के लिए नई पाॅस मशीने बनी मुसीबत
February 19, 2024
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