जिला न्यायालय में विश्व न्याय दिवस पर आनंद विभाग का आयोजन
मुरसलीन खानFebruary 20, 2024
अपराध के पीछे जलन, ईष्र्या, प्रतिस्पर्धा, बदले की भावना: प्रधान न्यायाधीशछतरपुर। प्रधान एवं जिला न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने आनंद विभाग द्वारा जिला न्यायालय के वैकल्पिक विवाद समाधान केन्द्र पर आयोजित विश्व न्याय दिवस कार्यक्रम में संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक अपराध के पीछे जलन, लालच, बदले की भावना होती है। उन्होंने कहा कि आनंद में रहने से अन्याय की संभावना कम होती है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं एडीजे अनिल कुमार पाठक, डीएलओ हेमंत कुशवाहा प्रमुख रूप से मौजूद थे। आनंद विभाग की ओर से लखनलाल असाटी, श्रीमती आशा असाटी, रामकृपाल यादव, शिवनारायण पटेल, केएन सोमन, श्रीमती विमला सोमन, तृप्ती शर्मा उपस्थित थे।लखनलाल असाटी ने न्याय की अवधारणा स्पष्ट करते हुए कहा कि मानव-मानव संबंध की पहचान, निर्वाह, मूल्यांकन और उभय सुख ही न्याय है। दूसरे को अपने जैसा मानकर उसकी वर्तमान योग्यता के साथ बिना शर्त संबंध को स्वीकार करना ही पहचानना है। उसके साथ बिना शर्त जिम्मेदारी से जीना अपनी तथा उसकी योग्यता के विकास में मदद करना निर्वाह है। सही भाव को समझने में सहयोग करना मूल्यांकन है। यदि यह सुनिश्चित हो जाता है तो उभयसुख की स्थापना होती है जो न्याय पूर्ण अखण्ड समाज का आधार बनती है।