आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें कार्यालय द्वारा जारी किया गया आदेश
छतरपुर। जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित छतरपुर में सहायक समिति प्रबंधक के पद से प्रबंधक पद पर की गई 60 प्रतिशत नियुक्तियों के मामले में अब आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें मध्यप्रदेश द्वारा जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. छतरपुर के तत्कालीन अध्यक्ष करूणेन्द्र प्रताप सिंह और तत्कालीन संचालक जयकृष्ण चौबे के विरुद्ध बैंक कर्मचारी सेवानियम के प्रावधानों के तहत कार्यवाही का आदेश संयुक्त आयुक्त सहकारिता, सागर संभाग को दिए गए हैं।
बुधवार को आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें, मध्यप्रदेश कार्यालय के पंजीयक मनोज कुमार सरियाम द्वारा संयुक्त आयुक्त सहकारिता, सागर संभाग सागर को जारी किए गए आदेश क्रमांक/साख/विधि/2024/1188 में उल्लेख है कि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. छतरपुर में सहायक समिति प्रबंधक के पद से समिति प्रबंधक संवर्ग में 37 सहायक समिति प्रबंधकों का चयन समिति प्रबंधक के पद पर करते हुए उन्हें नियुक्ति दी गई थी। इस संबंध में शिकायत प्राप्त होने पर कार्यालय पंजीयक, सहकारी संस्थायें द्वारा उक्त नियुक्तियों का परीक्षण कराया गया, जिसके प्रतिवेदन में बैंक सेवा नियम एवं पंजीयक द्वारा समय-समय पर जारी किये गये प्रावधानों का पालन नहीं किया जाना पाया गया। इसके बाद दिनांक 05 जून 2024 को जारी किए गए कार्यालयीन पत्र क्रमांक/साख/विधि/2024/1091 के माध्यम से उक्त नियुक्तियों को निरस्त करने हेतु कलेक्टर एवं प्रशासक जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. छतरपुर को निर्देश दिए गए।
इसी मामले में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थायें मध्यप्रदेश ने जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. छतरपुर की कैडर कमेटी के सदस्य करूणेन्द्र प्रताप सिंह, तत्कालीन अध्यक्ष जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या. छतरपुर एवं जयकृष्ण चौबे, तत्कालीन संचालक को भी दोषी माना है। जारी आदेश में कहा गया है कि उक्त दोनों ने समिति प्रबंधक संवर्ग में प्राप्त आवेदनों के परीक्षण में बैंक सेवा नियम एवं पंजीयक द्वारा समय-समय पर जारी किये गये प्रावधानों का पालन नहीं किया इसलिए अपात्र कर्मचारियों के चयन हेतु वे भी उत्तरदायी हैं।
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