छतरपुर। भाजपा सरकार में अन्नदाता किसानों व महिलाओं पर अधिकारी उन्हें न्याय दिलाने की वजाए उन पर अत्याचार करने में लगे हुए है। मुआवजा की मांग को लेकर मेला ग्राउड में धरने पर बैठे दलित अन्नदाता किसानों के टेंट को राजनगर एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर पहुंच कर उखड़वाकर अपने लोगों से फिकवा दिया। पीडि़त महिला के द्वारा आरजू मिन्नत करने के बाद भी एसडीएम ने पीडि़त अन्नदाता किसानों पर एफआईआर दर्ज करा देने की भी धमकी दे डाली। पीडि़तों ने बताया कि खजुराहो फोरलेन की जमीन को अधिग्रहण किया सालों बीत गए लेकिन उन्हें जमीन का मुआवजा आज तक नहीं मिला। दलित ग्रामीण परिवार मुआवजा के लिए सालों से भटक रहे है लेकिन उनकी कोई सुनने वाला तक नही, जब कही से पीडि़तों को न्याय नही मिला तो कलेक्ट्रेट के सामने तब्बू तान कर धरने पर बैठ गए तो राजनगर एसडीएम और तहसीलदार ने अन्नदाता किसानों के तंबू को उखड़वाकर फिकवा दिया।
छतरपुर खजुराहो झांसी फ़ॉरलेन को बने हुए सालों बीत गए लेकिन राजनगर के अनुविभाग के अंतर्गत आने वाले बसारी गाँव क्षेत्र के ग्राम टुरया के रहने वाले 14 किसान परिवार आज भी मुआवजा पाने के लिए दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर है। जब कही न्याय नही मिला तो मुख्यालय पर जिला पंचायत के सामने मेला ग्राउण्ड में धरने पर बैठे गए। आरोप है कि फोरलेन में उनकी जमीन अधिग्रहीत कर ली गई लेकिन उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया गया। टुरया निवासी किसान कैलाश अहिरवार ने बताया कि झांसी.खजुराहो फोरलेन में 14 किसान परिवारों की जमीन शासन द्वारा अधिग्रहीत की गई लेकिन उन्हें आज तक मुआवजा नहीं दिया गया। 14 परिवार सभी अलग.अलग हैं और उनकी जमीनें भी अलग.अलग थीं। लेकिन प्रशासन द्वारा उनका मुआवजा एक साथ बना दिया गया था जिस कारण हमने विरोध किया था कि सभी का मुआवजा अलग.अलग दिया जाए कलेक्टर से लेकर एसडीएम, तहसीलदार सहित सभी की चौखटो पर सालों से भडक़ रहे है कई बार आवेदन दे चुके हैं लेकिन आज सिंर्फ आश्वासन मिला है मुआवजा नही मिला है। वही पीडि़त किसान कैलाश अहिरवार ने बताया जब तक मुआवजा नही मिलेगा अपने बच्चों, महिलाओं के साथ यहीं धरने पर बैठे रहेंगे तो वही जानकारी लगते ही जिला प्रशासन हरकत में आया और शाम होते ही धरने देने वाले किसानों का राजनगर एसडीएम बलवीर रमण ने टीम को ले जाकर तंबू उखाडक़र फिकवा दिया।
इनका कहना
वही स्थानीय पूर्व भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष गोविंद सिंह टूरया ने बताया है ये सारे किसान मेरे गांव के है हम ने इनका समर्थन किया था एसडीएम से बुधवार तक का समय दिया है अगर समस्या का हल नहीं होता और किसानों को मुआजवा नहीं मिलता तो वह खुद किसानों के लिए धरने पर बैठ जायेगे। जब उनसे यह पूछा गया कि अधिकारियों के द्वारा जबरन किसानों के टेंट को उखाडक़र फेंका गया है तो उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारियों की शिकायत भी मुख्यमंत्री से की जाऐगी।
वही जब इस मामले में राजनगर एडीएम बलवीर रमन से बात हुई तो उन्होंने बताया एनएचएआई वालो से बात हुई है और जो भी किसान मुआवजे को लेकर रह गए है सब की समस्याए हल की जाएगी। जो लोग धरने पर बैठे थे उनकी जो भी समस्या है बुधवार तक बुला कर समाधान किया जाएगा।


