0 श्रीनगर के रामलीला मैदान में लीला का मंचन देखने के लिए रात डटे रहे दर्शक
शुभ न्यूज महोबा । नवयुवक रामलीला श्रीनगर द्वारा किले के समीप स्थित रामलीला मैदान में मंचन कलाकारों द्वारा आयोजित किया जा रहा है। रामलीला के प्रथम दिन कलाकारों भगवान श्रीराम जन्म की लीला की कथा का सजीव अभियन किया गया। राम जन्म होते ही सभी ने नाचते हुए बधाइयां गीत गाए। कस्बे में शुरु हुई रामलीला का मंचन देखने के लिए दर्शक रात भर अपनी जगह पर बैठे रहे और रामायण का आनंद लेते हुए जय श्रीराम के जयकारे लगाते रहें
रामलीला का मंचन करते हुए कलाकारों ने मंचन किया कि राक्षसों के आतंक से परेशान होकर सभी देवतागण ब्रह्मा जी के पास जाते हैं और ब्रह्मा जी शंकर जी के पास पहुंचकर मंथन करते हुए कहते हैं कि इसका निदान तो सिर्फ भगवान विष्णु के पास है। सभी देवता भगवान विष्णु से रावण सहित सभी राक्षसों के आतंक से मुक्ति के लिए विनय करते हैं। इस पर भगवान विष्णु आश्वासन देते हुए कहते हैं कि वह शीघ्र ही मृत्यु लोक में राजा दशरथ के घर जन्म लेंगे और आप सभी के कष्टों का निवारण करेंगे। इसके बाद कलाकार अभियन करते हैं कि तीन विवाह करने के बाद संतान न होने पर राजा दशरथ ने कुलगुरु वशिष्ठ से अपनी मन की बात कही उस पर कुलगुरू ने महर्षि श्रृंग ऋषि से मिलकर कर पुत्रेष्टि यज्ञ कराते हैं तब अग्नि देव प्रकट होकर रानियों को खीर खिलाने को देते है जिसे के बाद रानी कौशल्या की कोख से भगवान राम के जन्म होता है और बाद में इसके बाद रानी सुमित्रा लक्ष्मण, शुत्रघन और कैकई भरत को जन्म देती हैं।
प्रभु राम का जन्म होते ही अयोध्या नगरी सहित पूरा विश्व मंगल गान करने लगा। भोले शंकर बाल रूपी भगवान श्रीराम के दर्शन करने आते हैं और वशिष्ठ जी चारों भाइयों का नामकरण संस्कार करते हैं। कलाकारों द्वारा रामलीला बहुत ही आकर्षक ढंग से दिखाई गई। शंकर जी की भूमिका नरेंद्र गंगेले, वसिष्ठ जी की भूमिका हरिशचंद्र शर्मा, विष्णु और राम की भूमिका समर्थ तिवारी और लखन लाल ने की तथा व्यास की भूमिका रतिशचंद्र रावत और संचालन अनिल शुक्ला का रहा। इसके अलावा रामलीला में रावण सुबोध गंगेले, इंद्रजीत की भूमिका दीपू शुक्ला, कुंभकरण की भूमिका जीतेंद्र कुशवाहा, गाय माता की भूमिका प्यारे लाल ने अदा की भूमिका मन्नय तिवारी द्वारा निभाई जाएगी। रामलीला में अखिल शुक्ला, यशवर्धन त्रिवेदी, प्रकाश कुशवाहा, अनूप गंगेले आदि ने अहम भूमिका निभाई।

