0 मुख्य अतिथि पूर्व श्रम मंत्री बादशाह सिंह को स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित
शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। बेलाताल रामलीला महोत्सव में श्री आदर्श रामलीला सांस्कृतिक मंच के तत्वावधान में कलाकारों द्वारा रामलीला का आयोजन किया जा रहा है। रामलीला के 11वें दिन हनुमान जी द्वारा लंका दहन, अंगद रावण संवाद की लीला का सुंदर मंचन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व श्रम मंत्री कुंवर बादशाह सिंह का समिति द्वारा स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, इसके उपरांत उन्होंने भगवान राम की आरती उतारकर रामलीला की शुरूआत कराई। रामलीला देखने के लिए दर्शकों की भारी भीड़ मौजूद रही, जिन्होंने रामलीला की समाप्ति तक अपनी जगह पर बैठकर आनंद लिया।
रामलीला का मंचन करते हुए कलाकारों द्वारा दिखाया गया कि जब श्रीराम की सेना समुद्र किनारे पहुंचती है तो प्रभु श्रीराम हनुमान जी को रावण को चेतावनी देने और सीता का हाल जानने के लिए भेजते हैं। हनुमान जी लंका की एक कुटिया में रामनाम की धुन सुनकर कुटिया के अंदर जाते हैं और वहां विभीषण को पाते हैं। अशोक वाटिका में हनुमान जी ने माता सीता से मिलकर भगवान श्रीराम का संदेश दिया। भूख लगने पर माता सीता से आज्ञा पाकर हनुमान जी अशोक वाटिका में पेड़ पर लगे फल तोड़कर अपनी भूख मिटाते हैं। इसी बीच राक्षस रावण के कहने पर हनुमान की पूछ पर आग लगवा दी जाती है और हनुमान पूछ में लगी आग से से रावण की लंका आग के हवाले कर देते हैं। लंका में आग लगते ही दर्शकों द्वारा लगाए गए हनुमान के जयकारों से सारा पंडाल गूंज उठा। रामलीला में कलाकारों द्वारा अंगर रावण संवाद का भी मंचन किया गया, जिसे खूब सराहा गया।
रामलीला दौरान मुख्य अतिथि पूर्व श्रम मंत्री ने कहा कि आज के दौर में हम सभी को प्रभु श्री राम के बताए हुए रास्ते पर चलना चाहिए और बुराईयों से दूर रहकर सत्य के मार्ग पर चलते हुए जीवन को जीना चाहिए। कहा कि ऐसे राक्षस रुपी व्यक्ति से दूर रहना चाहिए जो ऊपर से राम राम करते हैं पर अंदर से कालनेमि का काम करते हैं, ऐसे लोग किसी के हितैषी नहीं होतो हैं। रामलीला में विभीषण का अभिनय वीरेन्द्र तिवारी एवं हनुमान का अभिनय कल्लू नायक द्वारा किया गया, जबकि अंगद के रुप में बाबूलाल प्रजापति, लंकापति रावण सुशील कुमार द्वारा किरदार निभाया गया। रामलीला उपरांत नृत्यक काजल रानी ने अपने नृत्य से सभी दर्शकों को तालियां बजाने के लिए मजबूर कर दिया। इस मौके पर रामलीला मंच के मुकेश अग्रवाल शैलेंद्र सुल्लेरे सौरव भार्गव कोषाध्यक्ष बृजभूषण गुप्ता अभिषेक रावत अध्यक्ष परशुराम विश्वकर्मा एवं संयोजक इंद्रपाल रिछारिया मौजूद रहे।

