0 तहसीलदार ने किसानों के आधारकार्ड जमा कराकर खाद दिलाए जाने का दिया आश्वासन
शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। विकासखंड जैतपुर के पीसीएफ उपकेंद्र पर आई मात्र तीन सौ बोरी किसानों के लिए ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुई और कुछ घंटे में ही किसानों को वितरित कर दी गई, जिससे सैकड़ोंं किसान पिछले एक सप्ताह से खाद पाने के लिए केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। गुरुवार को खाद न मिलने से नाराज हजारों किसानों ने एसके महाविद्यालय के समीप मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया, जिससे घंटों यातायात बाधित रहा। सूचना पर पहुंचे तहसीलदार ने किसानों के आधारकार्ड लेते हुए एक दिन बाद खाद दिलाए जाने का आश्वसन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला।
विकासखंड क्षेत्र के ग्राम मबइया, बुधौरा, अजनर स्यांवन, आरी बुधवारा के अलावा मध्यप्रदेश के ग्राम खमा, धौर्रा, बिजौरी, रजपुरा सहित दर्जनों ग्राम के सैकड़ों किसान एक पहले ही वितरण केंद्र एसके महाविद्यालय में डेरा डालकर रात काटी और सुबह छह बजे से लाइन में खड़े होने के बाद तहसील प्रभासन द्वारा एक बोरी का टोकन किसानों को दिया जाने लगा।एक बोरी खाद का टोकन देने और कुछ किसानों को वो भी न मिलने से उनमें गुस्सा उपन्न हो गया और महाविद्यालय के समीप मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। जाम लगाने से दोनो तरफ वाहनों की लंबी लाइन लग गई और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई।
किसानों का कहना है कि जिले का किसान खाद टोकन लेने के लिए सुबह चार बजे से समितियों में पहुंचकर लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे है। किसान सारा दिन लाइन में लगा रहता, लेकिन उन्हें बिना खाद खाली हाथ ही वापस लौटना पड़ रहा है। बताया कि किसानों की संख्या हजारों होती है और डीएपी मात्र 200 से 300 बोरी ही समितियों में मौजूद रहती है जिस कारण अन्नदाताओं में खासा गुस्सा पनप रहा है और उनका यह गुस्सा सड़क जाम और प्रदर्शन के रुप में प्रशासन पर फूट रहा है। खाद की कमी को देखते हुए बाजार में कालाबाजारी खूब हो रही है, जो खाद की बोरी सोसाइटी में 1300 की मिल रही है तो वही बाजार में 1800 से 2000 रुपए में बेची जा रही है। जाम की सूचना मिलते ही कुलपहाड़ पुलिस के साथ तहसीलदार मौके पर पहुंचे और किसानों से वार्ता करते हुए उनके आधार कार्ड जमा कराए गए और एक दिन बाद खाद दिए जाने का आश्वासन दिया। तब कहीं जाकर किसानों से जाम खोला और यातायात व्यवस्था को बहाल किया।

