0 संत छोटेलाल की पुन्यतिथि पर कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन
शुभ न्यूज महोबा। शहर के मोहल्ला गांधीनगर में संतोष कुमार वर्मा के पिता संत छोटेलाल की पुन्यतिथि पर उनके आवास में गुरुवार की रात्रि कवि गोष्ठी का आयोजन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोष्ठी में कवियों व रचानाकारों ने अपनी रचनाओं और कविताओं के माध्यम से उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। गोष्ठी का शुभारंभ कवि ओमप्रकाश तिवारी ने मां सरस्वती वंदना से किया और इसके बाद पानी को बचाने के लिए रचना सुनाकर उपस्थित लोगों की वाह वाही लूटी। गोष्ठी का संचालन विदेश कुमार विद्यासन ने किया।
गोष्ठी में हरिश्चंद्र वर्मा हरीश ने रचना पढ़ते हुए कहा कि गर मेर हुकूमत चले तो इस धरती को एक परिवार का मकान बना दूं, जहां मुहब्बत ही फले फूले ऐसा गुलदस्ता बना दूं। साहित्यकार संतोष कुमार पटेरिया ने क्या क्या न जोड़ता रहा घटता चला गया औरों को बांटने में सारा चला गया। गोष्ठी के मुख्य अतिथि जिला पर्यटन एवं संस्कृति अधिकारी डा0 चित्रगुप्त श्रीवास्तव ने कहा कि संत छोटेलाल की याद में यह गोष्ठी का आयोजन किया गया है, जिसमें कवियों और रचनाकारों ने रचाओं की त्रिवेणी बहायी है। जिले में साहित्यकारों और संगीतज्ञों की कमी नहीं है। कवि लखनलाल चौरसिया ने कहा कि मानव तन अनमोल इसे धूल बनकर मत उड़ाईये, फूल बनकर मुहब्बत करो दूसरों को भी महकाइये। संतोष कुमार वर्मा ने रचना पढ़ी कि रीत सदियो से चली है बीत गए वर्ष अनेक, जो आया है सो जाएगा माथा टेक। गीतकार कवि प्रमोद कुमार सक्सेना ने कहा कि मां की ममता प्यास पिता का प्रभु कृपा से मिलता है, जैसे घी बाती से मिलकर पावन दीपक जलता है।
संगीताचार्य तथा लोक एवं जनजाति संस्कृति संस्थान के सदस्य पं0 जगप्रसाद तिवारी ने भ्रूण हत्या पर रचना पढ़ते हुए कहा कि लेतो जनम तुमाये घर में घर में होय उजियारो को खूब सराहा गया। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या एक कानूनी अपराध है और इसे कम करने के लिए कई कानून और योजनाएं बनाई गई है। भ्रूण हत्या के ग्राफ को कम करने के लिए निजी अल्ट्रासाउंड स्कैनिंग केंद्रों पर लिंक जांच कराने पर रोक लगाई है।गोष्ठी मे कवि कृष्ण मोहन नायक, हरीराम नगायच, जेके शिवहरे, नरेंद्र पंडित, अखिलेश तिवारी सहित तमाम कवियों ने अपनी अपने रचनाएं प्रस्तुत की।

