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देवोत्थान एकादशी पर्व पर भक्तों ने विष्णु भगवान के चरणों में गन्ने अर्पित कर की पूजा अर्चना



0 सुबह से ही गन्ना खरीदने के लिए बाजरों और चौराहो पर लोगों की जुटी भारी भीड़

शुभ न्यूज महोबा ।  देवोत्थान एकादशी (ग्यास) का पर्व शहर सहित पूरे जिले में मंगलवार को श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया गया। महिलाओं ने घरों के आंगन में रंगोली सजाकर भगवान विष्णु के चरणों में गन्ना सिघाड़ा तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर पूजन किया गया और बाद में गन्ने का प्रसाद वितरण किया गया। इस दिन से ही हिंदू रीति रिवाज के अंतर्गत विवाह समारोह शुरू हो जाते हैं। इस दिन गन्ना का चढ़ावा होने पर किसान अपने अपने  खेतों में लगी गन्ने की फसल की रखवाली करते नजर आने लगेगे।
एकादशी में गन्नों की पूजा होने के कारण सुबह से ही शहर के ऊदल चौक तहसील चौराहा शुक्रवारी बाजार सहित जिले के अन्य कस्बों और गांवों के तमाम चौराहो के अलावा सड़क किनार गन्ना विक्रेता ट्रैक्टरों व अन्य वाहनों में गन्ना लोड करके बेचने के लिए पहुंच गए। बाजार में गन्ना पहुंचते ही कुछ समय में गन्नों की बिक्री शुरू हो गई जिससे सारा दिन हुई बिक्री के चलते विक्रेता कई बार वाहनों से गन्ना लाकर बेचने में जुटे रहे। गन्नों की 20 से 50 रुपये कीमत होने से किसानों ने भी जमकर कमाई की। पूजा सामग्री व गन्ने खरीदने के लिए लोग सुबह से ही बाजार पहुंच गए जहां पर महंगे दामों में गन्ने खरीदकर घर लाए और पूजा के लिए घर सजाए गए।
बताया जाता है कि भगवान विष्णु चार माह तक आराम करते हैं इसके बाद देवोत्थान के दिन जागते हैं। देवोत्थान के दिन से ही शादी विवाह सगाई व सारे शुभ कार्य शुरू होते हैं। भगवान विष्णु की विधि विधान के साथ आराधना करने से भक्तों के हर दुख दर्द दूर हो जाते हैं। इस दिन लक्ष्मी नारायण की पूजा करना शुभ माना जाता है इसलिए लोगों ने पूर्व में घरों की साफ सफाई लिपाई पुताई करने चमाचम कर लिया और ग्यास पर्व पर पूजा अर्चना कर सुख सवृद्धि की प्रार्थनाएं की  
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गोवर्धन्नाथ जू मंदिर चरखारी में भक्तों ने लगाई परिक्रमा
देवोत्थान एकादशी के पर्व पर चरखारी के ऐतिहासिक गोवर्धननाथ जू मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। हजारों की संख्या में भक्तों की भीड़ ने गोवर्धन नाथजू के दरबार की परिक्रमा की और दर्शन पूजन कर अपने परिवार में सुख समृद्धि की प्रार्थनाएं की गई। मंगलवार को दूर-दराज के गांवों व पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश से महिलाएं ट्रैक्टर ऑटो व निजी वाहनों से गोवर्धन्नाथ जू मंदिर परिसर परिक्रमा लगाने के लिए सुबह से ही पहुंची। ऐतिहासिक गोवर्धननाथ जू मेला का शुभारम्भ महाराज सर मलखान सिंह जूदेव ने सन 1883 में किया था। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित मेला आज भी निरन्तर जारी है तथा इस वर्ष 141वें मेला का आयोजन किया जा है। सुबह से ही कार्तिक स्नान के उपरान्त महिलाएं पूजा व परिक्रमा के लिए मंदिर पहुंचना शुरू हो गयी और दोहपर होते होते मेला श्रद्धालुओं से पट गया। मेला के दौरान एक ओर जहां भगवान के दर्शन व परिक्रमा करते दिखाई दिए वहीं मेला के दौरान श्री विष्णु महायज्ञ’ रासलीलाल व खेलतमामाशा मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहे।
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गोवर्धन्नाथ जू मंदिर का पुलिस अधिकारियों द्वारा लिया गया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा
देवोत्थान एकादशी पर्व पर गोवर्धननाथ जू मंदिर में भक्तों के हुजूम को देखते हुए पुलिस अधीक्ष पलाश बंसल ने स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर जायजा लिया साथ ही सुरक्षा और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात की। पुलिस की कई टीमों ने मंदिर परिसर और आसपास पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखी और हर आने जाने पर नजर रख किसी भी प्रकार की अव्यस्था न फैले इसके लिए लोगों को हिदायत भी दी गई। इस मौके महिला पुलिस कर्मियों ने भी बखूबी अपने कार्य को अंजाम देकर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी। मेला में सुरक्षा व्यवस्था की अपर पुलिस अधीक्षक वंदना सिंह द्वारा भ्रमण कर जायजा लिया गया साथ ही एसडीएम डा0 प्रदीप कुमार सीओ रविकान्त गोंड प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार मेला कोतवाली प्रभारी सनय एवं राजकुमार यादव भारी पुलिस बल के साथ मुस्तैद रहे।


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