0 कार्तिक पूर्णिमा पर समिति के तत्वावधान में श्रद्धालुओं ने लगाई गोरखगिरि परिक्रमा
शुभ न्यूज महोबा। कार्तिक पूर्णिमा पर शुक्रवार को गुरू गोरखनाथ परिक्रमा समिति के तत्वावधान में श्रद्धालुओं ने ऐतिहासिक गोरखगिरि की भक्ति और श्रद्धाभाव के साथ परिक्रमा पूर्ण करते हुए परिक्रमा मार्ग पर पड़ने वाले मंदिरों में माथा टेका और देश में आपसी भाईचारे के साथ अमन चैन कायम रखने की प्रार्थना की गई। परिक्रमा समाप्ति के बाद एक गोष्ठी का आयोजन किया गया, जहां पर कार्तिक स्नान के महत्व के साथ साथ कार्तिक गीत की महफिल भी सजाई गई।
ऐतिहासिक गोरखगिरि के शिव मंदिर से श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की शुरूआत करते हुए बाल हनुमान मंदिर, राम जानकी मंदिर, कबीर आश्रम, हजरत हाजी फिरोजशाह की दरगाह, राम दरबार मंदिर, काली माता, छोटी चंद्रिका माता मंदिर से पुलिस लाइन, नागौरिया मंदिर, बाल हनुमान मंदिर सहित मार्ग पर पड़ने वाले समस्त धार्मिक स्थलों से होते हुए शिव मंदिर में आकर श्रद्धालुओं ने गोरखगिरि की परिक्रमा पूर्ण की। परिक्रमा दौरान श्रद्धालु भक्ति और रामधुन के साथ पैदल चलते हुए मंदिरों में माथा टेका और दर्शन कर प्रार्थना की। परिक्रमा दौरान लगाए जा रहे धार्मिक उद्घोष से वहां का वातारण भक्ति हो गया।
परिक्रमा संपन्न होने के बाद शिव मंदिर प्रांगण में गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के प्रमुख पूर्व प्रवक्ता डा0 एलसी अनुरागी ने कहा इस माह में कार्तिक स्नान सूर्योदय से पूर्व उठकर पवित्र नदी में स्नान करने का विधान है। अगर ऐसा संभव नहीं है तो पानी में गंगाजल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है। कहा कि कार्तिक मास में स्नान करने से जीवन में सुख समृद्धि, आरोग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है और इस मास में किए गए धार्मिक अनुष्ठान, स्नान, दान और व्रत से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। गोष्ठी दौरान डा0 अनुरागी ने सवरचित कार्तिक गीत बुंदेली भूमि लखन की प्यारी, राम लखन गोरखगिरि आए संगै सिया दुलारी प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में सुनीता अनुरागी रामायण और मुन्नालाल धुरिया ने भागवत गीता के श्लोक सुनाए। इस मौके पर ओमप्रकाश साहू, पप्पू सैन, जगदीशचंद्र अनुरागी, लखनलाल, अवधेश गुप्ता, प्रवीण चौरसिया आदि लोग मौजूद रहे। अंत में जागेश्वर चौरसिया द्वारा साध्वी सुनाता अनुरागी को मीताम्बरा साड़ी भेंट कर सम्मानित किया गया और प्रसाद वितरण क साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
