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गरीब व कमजोर वर्गों को निशुल्क प्रदान की जाती कानूनी सहायता : अपर जिला जज



0 जागरूकता शिविर में बंदियों को बताए गए मौलिक तथा संवैधानिक अधिकार

शुभ न्यूज महोबा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण महोबा द्वारा जिला उपकारागार में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जेल प्रशासन और बंदियों को राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की रुबरू कराया गया, जिससे लाभार्थी योजनाओं से वंचित न रह सके। न्यायिक अधिकारियों द्वारा विचाराधीन बंदियों को संविधान के अंतर्गत उनके प्रदत्त मौलिक अधिकारों व कर्तव्यों की जानकारी भी दी गई।  
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अपर जिला जज व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण क सचिव तेन्द्र पाल ने कहा कि संविधान के कुछ अनुच्छेद जैसे कि अनुच्छेद 39ए के अन्तर्गत समाज के गरीब और कमजोर वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान करने का  प्रावधान को बाद में संशोधन के जरिये जोड़ा गया व संविधान के अनुच्छेद 14 में भी राज्य के लिए कानून के समक्ष समानता सभी के लिए बराबर अवसर के आधार पर न्याय को बढ़ावा देने वाली कानूनी व्यवस्था सुनिश्चित की गई तथा अनुच्छेद 21 मे जीवन जीने का अधिकार सभी को दर्शाया गया है। अपर जिला जज ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का एक मुख्य कार्यालय होता है, जहां आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकता है।
शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिरकण द्वारा बंदियों के मौलिक अधिकारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि जेल में बंद बंदियों के पास कुछ मौलिक तथा संवैधानिक अधिकार उपलब्ध है जैसे कि बंदी के साथ अमानवीय व्यवहार नहीं किया जाए, प्रत्येक विचाराधीन बंदी के पास यह अधिकार उपलब्ध है कि उसके अपराधिक मामलों की सुनवायी व उसका निस्तारण जल्द से जल्द हा। इसके अलावा न्यायिक अधिकारियों द्वारा प्रत्येक व्यक्तियों के समाज में मौलिक कर्तव्यों के बारे में विस्तृत रुप से जानकारी दी गयी। कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउसिंल सिस्टम, महोबा के चीफ रामऔतार सिंह, डिप्टी चीफ रामनरेश यादव, व असिस्टेंट हरेन्द्र मिश्रा एवं योगेन्द्र सिंह, जेलर शिवमूरत सिंह सहित अन्य जेल प्रशासन उपस्थित रहा। अंत में जेलर द्वारा कार्यक्रम की सराहना करते हुये समापन किया गया।



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