कैंडल मार्च निकालकर एचआईवी से मरने वाले लोगों को दी गई श्रद्धांजलि
रोडवेज महोबा में आयोजित शिविर में एडिशनल डीटीओ डा0 महेश ने लोगों को जागरूक करते हुए बताया कि एचआईवी संक्रमण असुरक्षित यौन संबंध, संक्रमित सिरिंज या रक्त के प्रयोग और संक्रमित मां से नवजात में फैल सकता है। एचआईवी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है, जिससे शरीर अन्य गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाता है। कहा कि उन्होंने ने कहा कि एचआइवी एड्स के खिलाफ लड़ाई में हर व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है. जागरूकता अभियान के जरिए समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया जा सकता है।
इसी प्रकार आशा ग्रामोत्थान संस्थान में आयोजित गोष्ठी में टीबी अस्पताल के डीपीटीसी तहसीन अख्तर ने टीबी एड्स की जानकारी को साझा किया। गोष्ठी में परियोजना प्रबंधक प्रकाश सिंह, काउंसलर परवीन, कार्यकर्ता अंजना देवी, हेमंत कुमार, सोनम चौरसिया, बृजेश कुमार, वीरनारायण सहित तमाम लोग मौजूद रहे। विश्व एड्स दिवस की पूर्व संध्या पर समाजसेवी, कर्मचारियों और गणमान्य नागरिकों ने आल्हा चौक पर स्वैच्छिक हस्ताक्षर अभियान चलाते हुए कैंडल मार्च निकाला और एचआईवी एड्स की जानकारी के अभाव में जिंदगी खोने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। गोष्ठी के मौके पर एचआईवी के प्रति लोगों को पंपलेट वितरित कर जागरूक किया गया।

