0 कार्यदायी संस्था कम खुदाई कर बिछा रही प्लास्टिक पाइन लाइन
शुभ
न्यूज महोबा। विभाग द्वारा चरखरी व खरेला में बिना पेयजल योजना का सर्वे
किए मनमाने तरीके से मानक के अनुरूप घटिया प्लास्टिक पाइप लाइन कम खुदाई कर
बिछाई जा रही है और पुरानी पाइप लाइन को जल संस्थान ध्वस्त किए जाने की
फिराक में है। विभाग द्वारा पुराने उपभोक्ताओं के पुरानी लाइन से कनेक्टशन
काटकर नई लाइन से जोडे़़ जा रहे हैं। नई पाइप लाइन से पानी की सप्लाई न
होने के कारण उपभोक्ताओं में पानी की समस्या उपन्न होने का डर सताने लगा
है। इतना ही नहीं पुर्नगठन योजना के तहत जिन मोहल्लों में पाइप लाइन से
जलापूर्ति नहीं है उनको प्राथमिता देते हुए हर घर जल योजना में नल कनेक्शन
दिए जाने हैं।
कस्बा चरखारी व खरेला में हो रहे हर घर जल योजना के
अन्तर्गत अमृत -2 की पेयजल योजना का कार्य चल रहा जिसमें पेयजलापूर्ति के
लिए मानक के अनुरुप घटिया स्तर पर पाइप कम खुदाई कर लाइन डाली जा रही है।
प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा डाली जा रही पाइप लाइन का निरिक्षण कर मानक के
अनुरुप कार्य किए जाने के आदेश के बाद भी न तो सप्लाई में पाइप की
क्वालिटी में सुधार हुआ और न ही मानक से खुदाई कराई गई। पेयजल आपूर्ति के
लिए पानी की टंकी में भी मानक को दरकिनार किया गया है। कस्बा चरखारी में
पेयजल आपूर्ति के लिए तहसील गेट के सामने हाथीखाना वार्ड में निर्माणाधीन
पानी टंकी की गुणवत्ता की जांच की मांग कस्बा वासियों ने शिकायती पत्र
भेजकर मुख्यमंत्री से की है। शहरी पेयजल योजना में चरखारी में 21 करोड व
खरेला में 24 करोड रुपए से पुनर्गठन पेयजल योजना तैयार की गई जिसमें नई
पाइप लाइन बिछाने पुरानी लाइन मरम्मत कार्य पानी टंकी का निर्माण कार्य चल
रहा हैं।
चरखारी की अतिरिक्त जलापूर्ति अर्जुन बांध से और खरेला की पेयजल योजना को मौदहा बांध से जोड़ा जाना है। इस सप्लाई में कार्यदायी संस्थाओं द्वारा डाली जा रही पाइप लाइन में मानक व गुणवत्ता की अनदेखी की गई हैं। कस्बा चरखारी की 60 बर्ष से अधिक लेकिन सफल पुरानी पाइप जस्ता तांबा लोहे जंग मुक्त आज भी सफलतापूर्वक कस्बा के वासुदेव वार्ड स्थित टंकी से सदर बाजार नवादा छोटा रमना हटवारा निचले भाग में खदिया अमरगंज कजियाना तुर्कीयाना रावबाग हाथीखाना रायनपुर आदि में सफलता सफलतापूर्वक चल रही है। अधिशाषी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि अभी फौरी तौर पर कनेक्शन दिए जा रहे हैं पुरानी पाइप लाइन सप्लाई बंद होगी या चालू रखी जा सकती है यह सर्वे के बाद तय होगा।


