प्रशासन की अनदेखी से गुटखा निगल रहा सेवन करने वालों की जिंदगी
प्रदेश में तंबाकू युक्त गुटखा, जर्दा पाउच की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद क्षेत्र के गांव व कस्बों सभी जगहों दुकानों पर लटके नजर आते हैं और खुलेआम बिक्री जारी है। स्थानीय पुलिस थाने के नाक के नीचे भंडारण से लेकर बिक्री तक का खेल को खुलेआम किया जा रहा है। पर जिम्मेदार विभाग के अफसर शिकायत मिलने के इंतजार में बैठे हैं। शासकीय फरमान का पालन करते हुए कभी कभार जांच और निरीक्षण किया जाता है उसमें भी दो चार प्रकरण बनाकर महज खानापूर्ति की जा रही है। इस वजह से ग्रामीण अंचल में तकरीबन हर दुकान में गुटखा बेखौफ बेचा जा रहा है।
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बड़ों के साथ स्कूली बच्चों को भी लग रही लत
सरकार ने तंबाकू युक्त पान मसाले के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध इस उद्देश्य लगाया था कि युवाओं के अलावा सभी लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों से बचाया जा सके और तंबाकू सेवन के खिलाफ सख्त कदम उठाया जाए, लेकिन क्षेत्र में आसानी से मिलने वाले प्रबंधित गुटखे को बड़ों के अलावा विद्यार्थी भी इनका सेवन कर अपनी जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। इतना ही दुकानदारों से कोई बच्चा और स्टूडेंट भी गुटखे की मांग करता है उनके हाथों में दुकानदार द्वारा गुटखा थमा दिया जाता है, जिस कारण छात्र भी इस जहर की लत में पड़कते जा रहे।
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निकोटिन सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक
चिकित्सा अधिकारी डाक्टर प्रियंका शुक्ला ने बताया कि, तंबाकू और गुटखा में निकोटिन अधिक मात्रा में होता है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है और इसके सेवन से लोगों को कैंसर, हृदय रोग और अन्य स्वास्थ्य समायाओं से जूझना पड़ता है। निकोटिन के प्रभाव से लार ग्रंथि और पाचन तंत्र को प्रभावित करता है। डाक्टर ने तंबाकू, गुटखा, खैनी आदि नशयुक्त पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी है।

