ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर की कार्रवाई की मांग
छतरपुर। कई गांवों में आज भी छुआछूट और जातिवाद हाबी है। इसका जीता जागता उदाहरण छतरपुर जिले के सटई थाना क्ष्रेत्र अंतर्गत ग्राम अतरार में देखने को मिला जहां पर एक दलित युवक ने मंदिर में प्रसाद चढ़ाया और उसे लोगों में बांट दिया। फिर क्या था गांव के सरपंच को यह बात रास नहीं आई और गांव के सरपंच ने तुगलकी फरमान सुनाते हुए मंदिर में प्रसाद चढ़ाने वाले दलित युवक सहित प्रसाद खाने वाले करीब दर्जन भर से अधिक लोगों को समाज से निकालकर सामाजिक बहिष्कार कर दिया। सामाजिक बहिष्कार होने से उक्त लोगों को गांव वालों ने बुलाना बंद कर दिया। मंगलवार को ग्रामीण एसपी ऑफिस पहुंचे और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। सटई थाना अंतर्गत ग्राम अतरार निवासी जगत अहिरवार पिता दशरथ अहिरवार ने एसपी ऑफिस में आवेदन देते हुए बताया कि विगत 20 अगस्त 2024 को उसने हनुमान मंदिर तिलैया बब्बा के मंदिर में प्रसाद चढ़ाया था और यह प्रसाद उसने गांव के महेश अवस्थी, विनोद विश्वकर्मा, मिहीलाल कुशवाहा एवं राजू कुशवाहा बांट दिये जिसे उक्त लोगों ने खा लिया। यह बात गांव के सरपंच सतोष तिवारी को रास नहीं आई और सरपंच ने सभी को समाज से बाहर कर दिया। इतना ही नहीं सामाजिक बहिष्कार होने के कारण अब उक्त लोगों को गावं वालों ने शादी विवाह में बुलाना बंद कर दिया। जगत अहिरवार ने बताया कि वह इस मामले की कई बार शिकायत कर चुका है लेकिन आज तक सरपंच पर कोई कार्यवाही नहीं की गई। जिससे सभी लोग मानसिक रूप से प्रताडि़त है। जगत अहिरवार ने कहा कि अगर पुलिस द्वारा इस मामले में कार्यवाही नहीं की गई तो वह आत्महत्या कर लेगा।
इनका कहनाजब इस संबंध में बिजावर एसडीओपी शशांक जैन से बात की गई तो उनका कहना था कि अतरार के ग्रामीणों द्वारा आज ही एक आवेदन प्राप्त हुआ है जिसमें लिखा है कि गांव के सरपंच के द्वारा कुछ लोगों का सामाजिक बहिष्कार किया गया है इस मामले की बारीकी से जांच कराई जाएगी, जो भी वैधानिक कार्यवाही होगी तत्काल की जाएगी।
सरपंच ने दी सफाई
पुलिस अधीक्षक से शिकायत होने के बाद इस मामले में अतरार गांव के सरपंच संतोष तिवारी अपनी सफाई देते हुए नजर आये। उन्होंने कहा कि चुनावी रंजिश के चलते मेरी शिकायत की गई। मैने सामुदायिक भवन को खाली कराया था जिस कारण से जगत अहिरवार मुझसे बुराई माने हुए है और मेरी शिकायत कर रहा है।
