0 गौशाला टिकरिया में गुड़ अजवइन की जगह गोवंशों को खिलाते हैं मूंगफली का चारा
धर्मेंद्र शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। ग्राम पंचायत टिकरिया की गौशाला मे गोवंशों का हाल बेहाल बना हुआ हैं। गोवंश एक तो भूख से बेहाल है उस पर कड़ाके ठंड से बचाव की समुचित व्यवस्था न होने से वह दम तोड़ हैं और ग्राम प्रधान बेखबर बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गौशाला में संरक्षित अन्ना जानवरों के लिए सरकार द्वारा भारी भरकम बजट आता है, लेकिन प्रधान कागजों पर बजट को खर्च के रुप में दर्शाकर अपनी जेब गर्म कर रहा हैं। प्रधान की भ्रष्टाचार व अधिकारियों की उदासीनता से ग्रामीणों में खासा रोष व्यात है।
शासन द्वारा गोवंशों को शीतलहर और ठंड से बचाने के लिए ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया कि गौशाला के टीनशेड के चारो तरफ से तिरपाल व अन्य वायु रोधक वस्तु लगाकर ढका जाए, जिससे ठंडी हवा अंदर प्रवेश न कर सके। वहीं गोवंशों को गुड़ अजवाइन व भूसे में खली का प्रयोग कर खिलाया जाए, लेकिन विकासखंड जैतपुर की ग्राम पंचायत टिकारिया गौशाला में ग्राम प्रधान शासन की मंशा के विपरीत कार्य कर निर्देशों को ताख पर रखकर खुले आसमान के नीचे गोवंशों को रखे हुए है, जिससे सर्द हवाओं व भूख से बेहाल अन्ना जानवर दम तोड़ रहे हैं।
ग्राम के राजेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि गौशाला में एक गाय ठंड के कारण अचेत अवस्था पर जमीन पर पड़ी हुई है और कभी भी मौत के मुंह में समा सकती है। बताया कि एक सैकड़ा गोवंशों को एक वक्त ही थोड़ा बहुत भूसा डाला जाता है और जो वो भी मूंगफली का भूसा होता है। भूखे जानवर मजबूरी में यह भूसा खाकर अपना पेट भर रहे हैं जबकि गेहूं का दस कुंतल भूसा छह से अधिकारियों के निरीक्षण दौरान दिखाने के लिए रखा हुआ हैै। गोवंशों को पर्याप्त भूसा चारा न मिलने और ठंड के पर्याप्त साधन न होनेसे से वह अचेत होकर काल के गाल में समा रहे हैं। बताया कि शासन द्वारा गोवंशों के चारा भूसा और ठंड के मौसम में गुड अजवाइन के लिए प्रति जानवर 50 रुपये खर्च किए जाते हैं, बावजूद इसके भूख और ठंड से गोवंशों की मौते होने का सिलसिला बदस्तूर जारी है और ग्राम प्रधान गौशला के जरिए अपनी जेब गर्म कर रहे हैं।
