0 शहर के अलावा ग्रामीण अंचलों से भी अकीदतमंदों ने धूमधाम के साथ निकाला चादर जुलूस ि
शभ न्यूज महोबा। हजरत मस्तान शाह बाबा के 51वें सालाना उर्स के दूसरे दिन चादर जुलूस निकाला गया। शहर में निकाली गई चादर के दौरान डीजे पर कव्वालियों की गूंज सुनाई दी, इसके अलावा ग्राम शाहपहाड़ी से भी मोहम्मद शरीफ के आवास से चादर जुलूस निकाला गया। जुलूस दौरान आगे आगे घोड़े नचाते हुए चल रहे थे तो कुछ कलाकार शेर की पोशाक पहनकर उछलते कूदते चल रहे थे साथ में महिलाएं सिर पर कलश में चिराग जलाकर चल रही थी। इस मौके पर महिला पुरुषों की खासी भीड़ मौजूद रहीं। चादर जुलूस मुख्य मार्गों से होते हुए मस्तान शाह बाबा के आस्ताने पर पहुंची, जहां पर अकीदतमंदों ने मजार ए अकदस पर चादर चढ़ाई और मन्नतें मांगी। चादर के बाद मजार पर फातिहा पढ़ी गई, जहां पर लोगों की भारी भीड़ जुटी। अकीदतमंदों ने मजार पर चादरपोशी की और दुआएं मांगी। इस मौके पर महिलाएं भी मजार के बाहर से मन्नतें मांगती दिखाई दी। उर्स के मौके पर दूर दराज से लोगों ने आकर शिरकत की।
सोमवार की देर शाम चादर चढ़ाने के बाद सभी लोगों को लंगर वितरित किया गया। दूर दराज से आने वाले बाहरी लोगों को खाने और ठहरने का भी इंतजाम किया गया। फिरोजाबाद से आए कव्वाल अनस व जुनैद चिश्ती द्वारा कव्वाली की महफिल देर रात तक सजाई गई। सूफयाना कव्वाली सुनने के लिए लोग देर रात तक डटे रहे, युवाओं के अलावा बुर्जुग व महिलाओं ने भी सुफयाना कव्वाली का लुत्फ उठाया। कमेटी द्वारा कव्वाली सुनने के लिए महिलाओं को बैठने के लिए अगल से इंतजाम किया गया। उर्स दौरान मजार पर खासी चहल पहल रही। महिलाओं ने भी भारी संख्या में पहुंचकर शिरकत की और दुआएं मांगी।
उर्स के मौके पर मजार ए अकदस के आसपास मार्ग पर बिजली व झालर और फूल पत्तियों से आकर्षक सजावट की गई। इससे पूर्व सज्जादा नसीन ने अपने घर से चादर उठाई इसके अलावा मुकेरीपुरा और चौसियापुरा से भी चादर जुलूस निकाला गया, जो मजार ए अकदस पर पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस के दौरान लोग नात शरीफ पढ़ते हुए चल रहे थे। चादर चढ़ाने के बाद लंगर किया गया। लोगों ने अपने अपने घरों में भी लंगर किया। मजार की कमेटी द्वारा सारी व्यवस्थाएं की गई। बाहरी लोगों का खासा ख्याल रखा गया।
