टीकमगढ़। शुक्रवार की शाम अपनी_माटी_अपना_गाँव के संकल्प को लेकर पाहुना नाट्य संस्था ने अपने बैजनाथ धाम- मवई में नाट्य महोत्सव का शुभारंभ कर सार्थक पहल की....
वैसे तो संस्था विगत कई वर्षों से टीकमगढ़ नगर में नाट्य महोत्सव का सफल आयोजन करती आ रही है। पर अपनी जन्मभूमि ग्राम मवई में नाट्य महोत्सव का आयोजन पहली बार किया। यह नाट्य महोत्सव प्रसिद्ध रंग अभिनेता स्व.आलोक दा को समर्पित कर पाहुना परिवार ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। सातवें नाट्य महोत्सव के पहले दिन संजय श्रीवास्तव द्वारा लिखित व निर्देशित नाटक
#भोर_तरैया का मंचन किया गया। नाटक के माध्यम से ग्राम पंचायती राज की विसंगतियों को उजागर किया गया तथा महिला सशक्तिकरण का संदेश भी दिया गया। नाट्य महोत्सव की शुभअवसर की बेला पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व विधायक राकेश गिरी , ग्रामीण मण्डल अध्यक्ष बृजेंद्र सिंह लोधी, पूर्व मण्डल अध्यक्ष प्रवीण नामदेव , मवई-सरपंच सूर्यकांत शर्मा, पूर्व ग्राम सरपंच महेंद्र सिंह, जनपद सदस्य पुरन प्रजापति सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जहां उन्होंने दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर नाटक कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
वहीं पूर्व विधायक राकेश गिरी ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नाटक कार्यक्रम होने से लोगों को एक नई सीख मिलती है यह नाटक कार्यक्रम मनोरंजन एवं सीखने के लिए ही किया जाता है। जो आज उनकी टीम के द्वारा इस ग्राम में किया गया है। जिससे कि लोगों को एक नई सीख मिली है कि मुझे गांव में किस तरह रहना है और किस तरह नियमों का पालन करना है।
ग्रामीण दर्शकों में रंगमंच के प्रति गजब का उत्साह देखकर, स्थानीय रंगकर्मियों को भी प्रत्साहन और भरपूर ऊर्जा मिली नाटक कार्यक्रम में संदीप श्रीवास्तव ,कुलदीपक शर्मा, ब्रजकिशोर नामदेव ,सोनिका नामदेव ,फ़िज़ा रँगरेज खान ,राजेशविश्वकर्मा, मनोज लोधी मानस जैन ,मानसी जैन ,दीक्षा लिटोरिया, ओम लिटोरिया ,वृंदावन अहिरवार ,शबनम अहिरवार ,पारस जैन प्रशन्नमिश्रा ,सम्भव सक्सेना की अहम भूमिका रही।

