थाना कोतवाली पत्थरकांड का मामला: अदालत ने सभी आरोपियों को एससीएसटी एक्ट के आरोप से किया मुक्त
February 20, 2025
छतरपुर/ 6 माह पहले थाना सिटी कोतवाली में पुलिस के ऊपर हमला करने का मामला सामने आया था। इस मामले में विषेश न्यायालय ने सभी आरोपियों को एससीएसटी एक्ट के आरोपों से उन्मुक्त करने का आदेष दिया है। एडवोकेट लखन राजपूत ने बताया कि 21 अगस्त 2024 को थाना सिटी कोतवाली में इस आषय का मामला दर्ज किया गया कि करीब 150-200 मुस्लिम समुदाय के लोग थाना में ज्ञापन देने के नाम से भीड़ के रुप में आये थे, और नारेबाजी करने लगे थे। सीएसपी अमन मिश्रा, थाना प्रभारी अरविंद कुजूर से बोले महाराश्ट्र के अहमद नगर में रामगिरी महाराज द्वारा हमारे पैगम्बर के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की है जिसमें हमें एफआईआर करानी है। थाना में मौजूद अपर कलेक्टर और एसडीएम ने कहा कि घटना महाराश्ट्र राज्य की है वहां पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। तभी मौके पर मौजूद लोगों ने गालियां देना षुरु कर दी। और डंडा, पत्थर, लोहे की रोड, धारदार हथियारों से टीआई सहित पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। जिसमें टीआई अरविंद कुजूर, एसआई राहुल तिवारी, आरक्षक भूपेंद्र प्रजापति, अभिशेक सिंह, विकास खरे, प्रधान आरक्षक पवन सोनी, षांति कुषवाहा, एएसआई गिरिजेष राजा, पत्रकार कल्पना यादव, गनमैन राजेंद्र चढ़ार, छोटू वंषकार सहित कई पुलिस कर्मी घायल हो गए। थाना परिसर में रखे वाहनो को तोड़ दिया। पुलिस ने 46 नामजद और 100-150 अन्य लोगों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट के अपराध के साथ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। विवेचना के बाद विवेचक सीएसपी अमन मिश्रा ने एससीएसटी मामले की विषेश अदालत में चालान पेष किया। एडवोकेट जीसी चौरसिया, हिमांषु चौरसिया ने कोर्ट में दलील रखी कि आरोपियों के खिलाफ एससीएसटी एक्ट का मामला नही बनता है। विषेश न्यायाधीष उपेन्द्र प्रताप सिंह बघेल की अदालत ने मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर और पुलिस बयनों में एससीएसटी एक्ट का कोई भी मामला बनना नही पाया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को एससीएसटी एक्ट के आरोपों से उन्मोचित कर दिया है। और चालान वापिस करते हुए सीजेएम की अदालत में मामला पेष करने का आदेष दिया है।
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