टीकमगढ़। आज बालाजी नारी उत्थान समिति द्वारा टीकमगढ़ जिला जेल के बंदी भाई बहनों के स्नान के लिए प्रयागराज से लाये गये महाकुंभ के पवित्र जल को दिया गया।बालाजी नारी उत्थान समिति अध्यक्ष पूनम अग्रवाल ने बताया कि पुराणों के अनुसार जब समुद्र मंथन हो रहा था और उसमें से अमृत कलश निकला तो देवताओं और असुरों में उस अमृत कलश को पाने के लिए झगड़ा होने लगा तो उस कलश मे से कुछ अमृत की बूंदें प्रथ्वी लोक में चार जगह गिरी वो चार जगह प्रयागराज इलाहाबाद हरिद्वार नासिक और उज्जैन हैं।
इन चारों जगहो पर हर तीन साल में कुंभ स्नान होता है। पूर्ण कुंभ हर 12 साल में आता है। चूंकि ये महाकुंभ है 144 साल बाद इसका योग बनता है और हम बहुत भाग्यशाली जो हमे इस महाकुंभ में स्नान करने का परम सौभाग्य प्राप्त हुआ।
ये महाकुंभ सांस्कृतिक आध्यात्मिक सौहार्द और समसरता का संगम है जाति वर्ग पंथ समुदाय से बहुत ऊपर सामाजिक समरसता का अनुपम संगम है सभी को महाकुंभ में डुबकी लगाने का सौभाग्य प्राप्त हो।
इसी संदर्भ में बालाजी नारी उत्थान समिति की बहनों ने सोचा कि क्यों न जेल में बंद भाई बहनों को भी इस पवित्र जल से स्नान करने का सुअवसर प्राप्त हो। जिससे उनका तन मन पवित्र हो और जाने अनजाने उनसे जो अपराध हुये हैं उसकी सजा काट कर जब जेल से बाहर आयें तो अच्छे विचारों के साथ अपना जीवन यापन करें।
साथ ही सन्मार्ग पर चलते हुए देश की प्रगति में सहायक बनें।
बहनों ने जेलर प्रतीक जैन सर जी को संगम का पवित्र जल सौंपा।
सभी कैदी भाई बहनों से संकल्प लिया कि वह हमेशा सन्मार्ग पर चलेंगे।
समिति की बहनों के द्वारा जिला जेल में वृक्षारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में पूनम अग्रवाल प्रीति चतुर्वेदी वंदना जैन शुभम जैन उप
स्थित रहे।


