छतरपुर । नौगांव में दर्जनों मैरिज गार्डन बिना अनुमती के संचालित हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि दो मैरिज गार्डन तो शासकीय भूमि पर बनाये गए है लेकिन इसके बावजूद भी इन मैरिज गार्डन पर जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है जिस कारण से नगर पालिका एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर सवालिया निशान खड़े हो रहे है। बिना अनुमति के संचालित हो रहे इन शादी घरों में किसी आगजनी, अथवा भगदड़ जैसी स्थिति निर्मित होने से बचाव के कोई साधन नहीं है।
हाई कोर्ट की गाइड के अनुसार मैरज गार्डन संचालक अगर गाईडलाइन का पालन नहीं करता है तो नगर पालिका प्रशाशन तुरंत उस अवैध मैरिज गार्डन को तत्काल प्रभाव से बंद कराये। लेकिन कार्रवाई के नाम पर नगर पालिका के द्वारा मैरिज गार्डन संचालकों को नोटिस देकर खानापूर्ति कर ली गई।लेकिन नोटिस जारी करने के बाद आज तक नगर पालिका प्रशासन ने किसी भी मैरिज गार्डन संचालक के ऊपर गाईडलाइन का पालन ना करने को लेकर आज तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई के लिए हिम्मत तक नहीं जुटा पाई है। नई गाईडलाइन के तहत पंजीयन ना होने से नपा एवं प्रशासन को करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि हो रही है। वहीं गार्डन संचालक इनसे लाखों रूपये की मोटी कमाई कर रहे हैं। शहर में संचालित मैरिज गार्डनों में सुविधा के नाम पर मानो ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही हैं। वहीं दूसरी तरफ इन मैरिज गार्डन संचालक के द्वारा आम नागरिकों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। साथ ही शादी घरों के पास रहने वाले वासिंदों को मैरिज गार्डन की बदबू से रोजाना दो चार होना पड़ता और वहीं नगर पालिका के द्वारा कार्यवाई न करने से मैरिज गार्डन संचालक निडर होकर धड़ल्ले से मैरिज गार्डन चलाकर लाखो की कमाई कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार शहर में संचालित रामजनकी मंदपम, लैय्या पैलेस, कंचन मैरिज गार्डन, होटल सत्यजय होटल, सुंदर वाटिका, गायत्री पैलेस, साईं पैलेस, नातीराजा मैरिज हाउस, रॉयल पैलेस, विजय पैलेस, मनोआस रिसॉर्ट, अयोध्या पैलेस, अर्जुन पैलिस, कन्हैया उत्सव वाटिका, रामराजा मैरिज मानस भवन सहित कुल एक दर्जन से अधिक शादी घर संचालित हो रहे हैं। जिसमें से गायत्री पैलेस, नतीराजा मैरिज हाउस ही नपा में पंजीकृत हैं तो वहीं कंचन मैरिज गार्डन की पंजीयन प्रकिया प्रचलन में हैं।
रामजानकी मंडपम और सुदंर वाटिका मैरिज गार्डन शासकीय भूमि पर संचालित
शहर में संचालित रामजानकी मंडपम जो कि कदौरा हाउस शासकीय भूमि पर स्थित है, जिसके विरुद्ध तहसीलदार नौगांव के द्वारा बीते वर्ष में में अतिक्रमण बेदखली कार्रवाई की गई एवं वर्तमान में भी अतिक्रमण कार्रवाई का प्रकरण तहसीलदार न्यायालय में लंबित है, इसके बावजूद भी सरकारी अधिकारियों के गठजोड़ कर सरकारी भूमि पर मैरिज गार्डन संचालित किया जा रहा है। वहीं सुदंर वाटिका मैरिज गार्डन भी शासकीय भूमि पर संचालित है, जो कि सन 1956 से पहले तक विंध्य प्रदेश के समय डीआईजी बंगला हुआ करता रहा, एवं वर्तमान समय में भी राजस्व अभिलेख में भी नौगांव हल्का के खसरा क्रमांक 2075 में रकवा 1.983 हेक्टेयर में शासकीय गौठान(गौ विचरण के लिए आरक्षित भूमि) के नाम से दर्ज है, जिसके संबंध में वर्तमान में उच्च न्यायालय में प्रकरण भी विचाराधीन है, वहीं बीते वर्ष प्रशासन के द्वारा सुदंर वाटिका मैरिज गार्डन को शील्ड करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई थी, लेकिन प्रशानिक अधिकारियों के भूमिमाफियों से गठजोड़ होने के चलते कारवाई भी ठंडे बस्ते में डाल दी गई।
नहीं हैं सुरक्षा के इंतजाम
आये दिन इन मैरिज गार्डनों से मोटरबाइक एवं अन्य सामान चोरी होने की घटना होती रहती है। इन मैरिज गार्डनों में पार्किंग व्यवस्था ना होने से बाईक चोरी तो आम बात है। इसी तरह पार्वती पैलेश, राधिका गार्डन, लइया मैरिज गार्डन सहित कई मैरिज गार्डन से भी कई बड़ी चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं। इन सबके बावजूद यह सभी मैरिज गार्डन बेरोकटोक के बिना अनुमती के धड़ल्ले से चल रहे हैं। नगर पालिका प्रशासन ने नई गाइड लाइन के तहत नोटिस तो एक वर्ष पहले ही जारी कर दिए थे। नोटिस जारी करने के बाद भी नगर पालिका प्रशासन किसी भी मैरिज गार्डन के ऊपर कार्यवाही करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है।
यह है नियम
राज्य सरकार के आदर्श उपविधि 2020 नियम के मुताबिक संचालकों को मैरिज गार्डन बिल्डिंग का निर्माण नेशनल भवन की गाइड लाइन के मुताबिक ही करना होगा। नियम का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। गाइड लाइन के मुताबिक भवन में फायर सेफ्टी अनिवार्य है। मैरिज गार्डन में 2 गेट होना आवश्यक है। मैरिज गार्डन 12 मीटर चौड़ी सड़क पर ही बनाए जा सकेंगे। गार्डन के कुल हिस्से का 25 फीसदी वाहनों के पार्किंग के लिए आरक्षित करना होगा। मांगलिक भवन में 33 प्रतिशत हिस्सा कवर्ड और बाकी हिस्सा खुला होना चाहिए।
इनका कहना है
मैरिज गार्डन संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी किए गए थे,पंजीयन न कराने वाले गार्डन संचालकों के खिलाफ वैधानिक कार्यवाई की जाएगी।
नीतू सिंह,
मुख्य नगर पालिका अधिकारी,
नगर पालिका परिषद, नौगांव
शासकीय भूमि पर पर संचालित अवैध मैरिज गार्डन के मामले में पटवारी से जांच करवाते हैं, जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- रंजना यादव,
तहसीलदार नौगांव


