0 इमाम चौक और दरगाहों पर फातिहा के बाद बांटा गया तवर्रूख
शुभ न्यूज महोबा। हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन की यौमे पैदाइश पर शहर के इमाम चौकों पर हरे परचम लगाए गए साथ ही फातिहा हुई। फातिहा के बाद सभी लोगों को तबर्रूख बांटा गया साथ ही इमाम हुसैन के चाहने वालों ने लिए नज्म का भी आयोजन किया गया। इस मौके पर हाफिज द्वारा इमाम हुसैन की जिंदगी पर तकरीर भी की। इमाम हुसैन की यौमे-ए-पैदाइश पर शहर के तमाम इमाम चौकों पर सजावट कर अकीदतमंदों द्वारा हरे झंडे और झंडियों से सजावट कर फातिहा और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
हजरत इमाम हुसैन की यौम-ए-पैदाइश पर शहर के नगर पालिका रोड के समीप बनी इमाम चौक पर अकीदतमंदों द्वारा तबर्रूख बनाकर फातिहा दिलाई गई। हाफिज सुभान द्वारा फातिहा दी गई जिसमे तमाम लोगों ने शिरकत की। फातिहा के बाद के लोगों ने हाथ उठाकर मुल्क की तरक्की के लिए दुआएं मांगी। फातिहा खत्म होने के बाद सभी लोगों को तबर्रूख बांटा गया। हाफिज ने तकरीर करते हुए इमाम हुसैन की जिंदगी में रोशनी डालते हुए कहा कि माहे शाबान की तीन तारीख आलम-ए-इस्लाम में बहुत ही महत्वपूर्ण स्थान रखती है, इस तारीख रसूल ए अकरम की इकलौती बेटी फातिमा जहरा के घर उनके छोटे बेटे इमाम हुसैन की पैदाइश हुई थी।
खादिमाने हुसैन कमेटी के अध्यक्ष अलताफ हुसैन ने कहा कि हजरत हजरत इमाम हुसैन ने इस्लाम हक और इंसानियत के लिए अपना और अपने पूरे खानदान को कुर्बान कर दिया था। इस मौके पर इरशाद अली(शब्बन), अंसार, मुन्ना नम्बरदार सहित तमाम लोग मौजूद रहे। हजरत इमाम हुसैन की यौम-ए-पैदाइश पर मोहल्ला समदनगर में अब्बा हुजूर की दरगाह पर भी फातिहा हुई और इसके बाद तकरीर का प्रोग्राम भी किया गया। वहीं पठानपुरा में भी अकीदमंदों द्वारा हरे परचम लगाते हुए इमाम हुसैन की यौम-ए-पैदाइश पर जश्न मनाया गया।

