छतरपुर। सहकारिता विभाग भले ही बिन सहकार-नहीं उद्धार का नारा लगा रहा हो लेकिन सहकारी संस्थाओं में पदस्थत कुछ लोगों ने विभाग को अपना चारागाह बना लिया है और नियम कानून को ताक पर रखकर कुर्सी पर बैठे हुए हैं। ताजा मामला छतरपुर जिले से सामने आया है जहां एक युवक कई वर्षों से एक सेवा सहकारी समिति के प्रशासक के रूप में कुर्सी पर बैठा हुआ है और लाखों के वारे-न्यारे कर रहा है। युवक को पूर्व में उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश मिला था लेकिन उसका समय समाप्त होने के बाद भी वह कुर्सी से उठने को तैया नहीं है। बहरहाल जबरन प्रशासक बने बैठे युवक के खिलाफ कलेक्टर एवं जिला पंजीयक से शिकायत की गई है।प्त जानकारी के मुताबिक सेवा सहकारी समिति बरद्वाहा झमटुली में पुष्पेन्द्र सिंह बुंदेला बतौर प्रशासक कुर्सी से चिपक कर बैठ गया है। सहकारी समिति में प्रशासक के रूप में काम कर रहे पुष्पेन्द्र सिंह ने अभी तक लाखों का हेर-फेर किया है। सूत्र बताते हैं कि प्रशासक के पद से हटाए जाने के लिए जब कार्रवाई शुरु हुई तो पुष्पेन्द्र सिंह उच्च न्यायालय से स्थगन आदेश ले आया था। उच्च न्यायालय ने स्थगन आदेश देते हुए कहा था कि 45 दिनों के भीतर यानि की 7 मार्च 2024 तक सहकारी समिति के चुनाव कराए जाएं लेकिन स्टे की आड़ में पुष्पेन्द्र सिंह आज भी समिति का प्रशासक बना बैठा है और सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी कार्रवाई करने से डर रहे हैं। इस मामले में रवि कुमार पांडे ने कलेक्टर एवं जिला पंजीयक से शिकायत की है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि नियमों को दरकिनार करते हुए पुष्पेन्द्र सिंह प्रशासक बना बैठा है और इसी की आड़ में वह लाखों की कमाई करने में जुटा है। विभाग की अनदेखी के कारण मलाई खाने में लगे पुष्पेन्द्र सिंह के खिलाफ शिकायत दी गई, जिस पर कार्रवाई होनी है।
इनका कहना
पार्थ जैसवाल, कलेक्टर, छतरपुर

