चरण सिंह बुंदेला, बड़ागांव धसान। नगर परिषद में इन दिनों अध्यक्ष के सुसर व सीएमओ के विवाद की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में वार्डों में लोगों की मूलभूत समस्याओं को लेकर समाधान नहीं किया जा रहा है। बीच नगर परिषद के वार्ड क्रमांक 4 एवं 5 जमुनियाखेरा में रहने वाले लोग फरवरी महीने से ही पीने के पानी का इंतजाम करने में जुट गए हैं। लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर शाम तक पीने के पानी का इंतजाम करने में ही समय निकल जाता है। इन वार्डों में 60 परिवार तो ऐसे हैं जो अभी से बूंद-बूंद पानी के लिए मोहताज हो रहे हैं। रोजमर्रा के काम के लिए भी लोगों को पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। पानी का संकट गहराने के बाद से इन वार्डों के लोग किसानों के खेतों में बने कुएं एवं ट्यूबवेल से पानी भरकर ला रहे हैं।
वार्डों के लोग बताते हैं कि जमुनियाखेरा में पानी की व्यवस्था के लिए तीन हैडपंप लगे हुए हैं इनमें से दो खराब है। जबकि एक हैंडपंप में पानी कम आता है। इसलिए अब खेतों पर बने कुएं से पीने के पानी का इंतजाम करना पड़ रहा है। पेयजल स्त्रोतों की मरम्मत के लिए जमुनियाखेरा वार्ड के लोग कई बार नगर परिषद के अधिकारी और कर्मचारियों से मांग कर चुके हैं, लेकिन अब तक यहां लगे हैंडपंपों की मरम्मत नहीं करवाई जा सकी। गांव के लोग बताते हैं कि नगर परिषद के कर्मचारियों ने हैंडपंप में विद्युत मोटर लगवाई। यहां से पाइप लाइन विस्तार कर पानी सप्लाई किया जाता है। बिजली कटौती होने के चलते लोगों को इस पाइप लाइन से पानी नहीं मिल पाता है। वार्ड के लोगों का कहना है कि नगर परिषद के अस्थाई जल स्त्रोत हाइवे किनारे होने से के चलते अक्सर हादसों का डर बना रहता है।
2 साल में भी नहीं बन पाई पानी की टंकी
बड़ागांव नगर परिषद की 15 हजार की आबादी को पीने का साफ पानी मिले सके। इसलिए पानी की टंकी का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन पिछले दो सालों में अब तक टंकी निर्माण का काम पूरा नहीं हो पाया है। नतीजा लोग फरवरी महीने में ही इस बार पीने के पानी को भटकने लगे हैं। जमुनियाखेरा के निवासी बृजलाल रैकवार, कलू विश्वकर्मा, मलखान रैकवार, नन्ही बाई रैकवार, हरबू रैकवार एवं बारे रैकवार ने बताया कि वार्ड नंबर 4 एवं 5 की महिलाएं और बच्चे पूरे दिन पानी के इंतजाम में लगे रहते हैं। जल जीवन मिशन के तहत लोगों के घरों तक नल से पीने का साफ पानी कब पहुंचेगा। इसका कुछ अता पता ही नहीं है। अधिकारियों से जब इस मामले को लेकर पूछा जाता है, तो टंकी निर्माण पूरा होते ही पानी की सप्लाई किए जाने की बात कही जाती है।

