0 कथा व्यास ने भागवत कथा के महात्म्य का किया वर्णन
शुभ
न्यूज जैतपुर महोबा। गायत्री मंदिर कुलपहाड़ के समीप स्थित आवास पर संगीतमय
श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसको लेकर शुक्रवार को भव्य
कलश यात्रा नगर में निकाली गई। कलश यात्रा मां बाघ विराजन धाम मंदिर पहुंची
जहां पर पूजन अर्चन के बाद कथा स्थल पहुंचकर समाप्त हुई। कलश यात्रा के
श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन महाराज द्वारा भागवत जी के महात्म्य का
वर्णय और धुंधकारी गोकर्ण की कथा के साथ भागवत कथा सुनने मात्र से मिलने
वाले पुन्य का भी वर्णन किया।
कलश यात्रा बद्री प्रसाद सोनी के नवीन
आवास कथा स्थल से आरम्भ हुई जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए मां बाघ
बिराजन धाम मंदिर पहुंची। जहां धाम में स्थित मंदिरों में पूजन अर्चन के
उपरांत कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। कलश यात्रा में डीजे
घोड़ा आदि के साथ काफी संख्या में माताएं बहने सर पर कलश रखकर भजन कीर्तन के
साथ चल रही थीं। कलश यात्रा के उपरांत कथा व्यास श्रीकृष्णा महाराज ने
भागवत जी के महात्म्य का वर्णन करते हुए कहा कि पद्म पुराण से लिया गया है।
कहा कि महात्म्य को क्यों श्रवण करना चाहिए भागवत जी में बताया गया है कि
कैसे कैसे पापी भागवत जी की महिमा सुनकर तर जाते हैं। ये मानवा पाप कृतस्तु
सर्वदा तात्पर्य जीवन में व्यक्ति ने कितने ही पाप किए हों अथवा पाप करते
करते उसकी मृत्यु होकर प्रेत बन जाएं, ऐसे व्यक्ति की भी भागवत कथा सुनने
से मुक्ति हो जाती है।
कथा वाचक ने कहा कि एक पिता के विपुल कुमारा
प्रथक प्रथक गुणशील अचारा धुंधकारी गोकर्ण महाराज एक ही पिता की छाया में
पले किंतु दोनों के गुण अलग अलग रहे। गोकर्ण भगवान के भक्त रहे तो धुंधकारी
घोर पापी रहे, जिनकी मुक्ति के लिए गोकर्ण ने श्रीमद् भागवत कथा श्रवण
कराई, जिससे धुंधकारी प्रीति योनि से मुक्त हुए। बताया कि धुंधकारी गोकर्ण
की कथा से समाज को शिक्षा मिलती है कि भाई भाई का प्यार ऐसे ही होना चाहिए,
जो कि विपत्ति के समय भी भाई अपने भाई का साथ दे सके। कथा के अंत में नारद
जी ने सनत कुमारों से भागवत जी के बारे में वक्ता व श्रोता कैसे होना
चाहिए जानकारी प्राप्त की। कथा के मुख्य यजमान बद्री प्रसाद सोनी सपत्नीक
श्रीमती कमला सोनी हैं। कार्यक्रम की व्यवस्था व देखरेख उनके सुपुत्र डॉ
आशुतोष सोनी, आशीष सोनी, बन्टी, अनुराग सोनी, गोलू द्वारा संभाली जा रही
है। यह कथा देर शाम तक चलती रही।
श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन धूमधाम से निकाली गई कलश यात्रा
March 21, 2025
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