टीकमगढ़। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन नगरी ओरछा को गोल्डन सिटी बनाने की माँग को लेकर भोपाल पहुंचकर भाजपा नेता विकास यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से उनके शासकीय आवास पर मुलाकात की और एक पाँच सूत्रीय माँग पत्र सौंपा है। निवाड़ी के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को सौंपे माँग पत्र में श्री यादव ने बताया कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा ओरछा के सर्वांगीण विकास के लिये 99 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और मध्य प्रदेश शासन द्वारा भी यहां राम राजा लोक का निर्माण कराया जा रहा है इसलिये ओरछा में पर्यटन की बढ़ती सम्भावनाओं को देखते हुए कुछ आवश्यक कार्य कराना आवश्यक है जिस प्रकार राजस्थान की राजधानी जयपुर को पिंक सिटी कहते हैं ठीक उसी तरह समूचे ओरछा में शासकीय व अशासकीय भवन, दुकान इत्यादि के लिये गोल्डन कलर का चयन कर सभी के लिये इसके अनुपालन की अनिवार्यता की जाए ताकि हमारी ओरछा की "गोल्डन सिटी" के रूप में एक नई पहचान बन सके, 1605-1627 के बीच महाराज वीर सिंह द्वारा निर्माण कराये गये धन एवं वैभव की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी को समर्पित श्री लक्ष्मी मंदिर जिसकी संरचना वास्तुशास्त्र के अनुसार श्रीयंत्र के रूप में है और यह मंदिर बाहर से उल्लू की चोंचनुमा दिखाई देता है और यह मंदिर श्री लक्ष्मी नारायण के शक्तिपीठ के रूप में है। इस मंदिर से लगभग 40 वर्ष पूर्व उनकी मूर्ति चोरी हो गई थी इसलिये इस मंदिर में श्री लक्ष्मीनारायण की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाये, इस नगरी में रियासतकाल के दौरान जहाँगीर महल का निर्माण कराया गया था जो बुन्देला एवं मुगलों की मित्रता की निशानी है और आज भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है। रियासतकाल में बने इस महल का नाम उस समय के अनुसार भले ही जहाँगीर महल रखा गया हो, किन्तु कई सदियों से यह महल श्री रामराजा सरकार की नगरी में सनातन संस्कृति से जुड़ा है। मध्यकाल में रानी कुँवर गणेश आयोध्या से 08 माह 28 दिन पैदल चलकर भगवान श्री राम को ओरछा लेकर आईं थी तब से रानी की रसोई में श्री रामराजा सरकार विराजमान है। इसलिये जहाँगीर महल का नाम परिवर्तित कर इसे रानी कुँवर गणेश महल कर इस महान सख्सियत को समुचित सम्मान प्रदान किया जाये, राजा महल में महाराज मधुकर शाह एवं जहाँगीर महल में रानी कुँवर गणेश की आदमकद प्रतिमा की स्थापना कराई जाये । ओरछा नगर से लगे हुए सभी ऐतिहासिक भवनों का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कराया जाये ।सभी माँगों को गम्भीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।
प्रभारीमंत्री से ओरछा को गोल्डन सिटी बनाने की माँग भाजपा नेता विकास यादव ने सौंपा माँग पत्र
March 04, 2025
टीकमगढ़। विश्व प्रसिद्ध धार्मिक व पर्यटन नगरी ओरछा को गोल्डन सिटी बनाने की माँग को लेकर भोपाल पहुंचकर भाजपा नेता विकास यादव ने सामाजिक न्याय एवं दिव्यांग जन कल्याण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री एवं निवाड़ी जिले के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह से उनके शासकीय आवास पर मुलाकात की और एक पाँच सूत्रीय माँग पत्र सौंपा है। निवाड़ी के प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह को सौंपे माँग पत्र में श्री यादव ने बताया कि हाल ही में केन्द्र सरकार द्वारा ओरछा के सर्वांगीण विकास के लिये 99 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई है और मध्य प्रदेश शासन द्वारा भी यहां राम राजा लोक का निर्माण कराया जा रहा है इसलिये ओरछा में पर्यटन की बढ़ती सम्भावनाओं को देखते हुए कुछ आवश्यक कार्य कराना आवश्यक है जिस प्रकार राजस्थान की राजधानी जयपुर को पिंक सिटी कहते हैं ठीक उसी तरह समूचे ओरछा में शासकीय व अशासकीय भवन, दुकान इत्यादि के लिये गोल्डन कलर का चयन कर सभी के लिये इसके अनुपालन की अनिवार्यता की जाए ताकि हमारी ओरछा की "गोल्डन सिटी" के रूप में एक नई पहचान बन सके, 1605-1627 के बीच महाराज वीर सिंह द्वारा निर्माण कराये गये धन एवं वैभव की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी को समर्पित श्री लक्ष्मी मंदिर जिसकी संरचना वास्तुशास्त्र के अनुसार श्रीयंत्र के रूप में है और यह मंदिर बाहर से उल्लू की चोंचनुमा दिखाई देता है और यह मंदिर श्री लक्ष्मी नारायण के शक्तिपीठ के रूप में है। इस मंदिर से लगभग 40 वर्ष पूर्व उनकी मूर्ति चोरी हो गई थी इसलिये इस मंदिर में श्री लक्ष्मीनारायण की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाये, इस नगरी में रियासतकाल के दौरान जहाँगीर महल का निर्माण कराया गया था जो बुन्देला एवं मुगलों की मित्रता की निशानी है और आज भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केन्द्र है। रियासतकाल में बने इस महल का नाम उस समय के अनुसार भले ही जहाँगीर महल रखा गया हो, किन्तु कई सदियों से यह महल श्री रामराजा सरकार की नगरी में सनातन संस्कृति से जुड़ा है। मध्यकाल में रानी कुँवर गणेश आयोध्या से 08 माह 28 दिन पैदल चलकर भगवान श्री राम को ओरछा लेकर आईं थी तब से रानी की रसोई में श्री रामराजा सरकार विराजमान है। इसलिये जहाँगीर महल का नाम परिवर्तित कर इसे रानी कुँवर गणेश महल कर इस महान सख्सियत को समुचित सम्मान प्रदान किया जाये, राजा महल में महाराज मधुकर शाह एवं जहाँगीर महल में रानी कुँवर गणेश की आदमकद प्रतिमा की स्थापना कराई जाये । ओरछा नगर से लगे हुए सभी ऐतिहासिक भवनों का जीर्णोद्धार एवं सौन्दर्यीकरण कराया जाये ।सभी माँगों को गम्भीरता से लेते हुए प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने शीघ्र ही उचित कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया है।
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