चरण सिंह बुंदेला, बड़ागांव धसान। जैन मंदिर पर आयोजित होने वाले विधान धर्म चक्र मंडल विधान एवं याग मंडल विधान का आयोजन 9 अप्रैल से 14 अप्रैल तक आयोजित किया जा रहा है जिसमें आज प्रथम दिवस सुबह से घट यात्रा जैन मंदिर से प्रारंभ हुई एवं नगर के मुख्य मार्गो से होते हुए जैन मंदिर पर पहुंची इसके पश्चात पांडाल का ध्वजारोहण डॉक्टर प्रशांत जैन ने किया, पात्र शुद्धि के पश्चात पूजन विधान किया गया कार्यक्रम में सानिध्य छुल्लक श्री नय सागर महाराज, प्रतिष्ठा निर्देश ब्रह्मचारी जय निशांत भैया जी, पारस भैया जी, पंडित सुरेंद्र कुमार, ऋषभ बैध, अजीत वैध, जय कुमार शास्त्री, के द्वारा धार्मिक क्रियाएं एवं अनुष्ठान संपन्न कराए जा रहे हैं।
इसके पश्चात छुल्लक श्री नय सागर महाराज के मंगल प्रवचन हुए जिसमें उन्होंने कहा कि सुख मय जीवन जीने की कला जानते ही नहीं एक अकेली आत्मा शांति सुखचैन सुख शांति से रहती है, ज्ञानी जीवो को अनादि काल तक अकेले रहना है मेला में पड़ा तो झमेले में पड़ा रहेगा यह जीव आचार्य भगवान कहते हैं अज्ञानी जीवो के झमेले में पड़े रहोगे तो आत्मा का कैसे उद्धार होगा। जान तेरे कर्मों का झमेला है तू अपने ही कर्म को भोगता है फिर भी अज्ञानी जीव मोह आत्मा में पड़ा जहां तक मेरा मेरी है, वहां तक हेरा फेरी है दुनिया को दिखाने के लिए इतनी संपत्ति किसके लिए आप जोड़-जोड़ कर पाप के भागीदार बन रहे हैं यह किसके लिए दिखावा कर रहे हैं अपने कर्मों का फल स्वयं को ही भोगना पड़ेगा।

