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हवाई पट्टी की भूमि से अतिक्रमण हटाने की माँग भाजपा नेता विकास यादव ने प्रभारी मंत्री को लिखा पत्र


टीकमगढ़। राज्य शासन द्वारा प्रत्येक जिले में हवाई पट्टी निर्मित किए जाने की योजना है और क्रमशः प्रस्तावों पर विचार करते हुए स्वीकृतियाँ दी जा रहीं हैं। यह प्रदेश के विकास से जुड़ा विषय है और समस्त कार्यवाहियाँ और प्रस्ताव निर्बाध एवं पारदर्शी होने पर प्रशासकीय और वित्तीय स्वीकृति जारी करने पर विचार किया जा रहा है। इसी क्रम में भाजपा नेता विकास यादव की पहल पर कलेक्टर टीकमगढ़ द्वारा पत्र क्रमांक 134 दिनांक 30 जनवरी 2021 को जिला मुख्यालय पर नवीन हवाई पट्टी के निर्माण हेतु 36.031 हैक्टेयर भूमि का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया था। जो राजस्व रिकार्ड में हवाई पट्टी/हवाई अड्डा मद में दर्ज है। लेकिन पिछले 4 वर्षों में जिला प्रशासन प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा सका है जिस कारण हवाई पट्टी का निर्माण नहीं हो पा रहा है। जिला प्रशासन ने पत्र भेजकर उल्टा विमानन विभाग को यह बताया है कि उक्त भूमि पर स्कूल भवन, तालाब, गौशाला, हाईटेंशन लाईन निकली हुई है। प्रशासन ने प्रस्तावित भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने के लिये कोई प्रारंभिक प्रयास भी नहीं किया है जिससे शासन की अरबों रूपये कीमत की बेसकीमती भूमि पर लोगों द्वारा फसल बोकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। भाजपा नेता विकास यादव ने म0प्र0 शासन की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं जिले की प्रभारी मंत्री श्रीमती कृष्णा गौर को पत्र देकर हवाई पट्टी की भूमि से अतिक्रमण हटाने की माँग की है।

 विमानन विभाग म0प्र0 शासन द्वारा 23 जनवरी 2025 को कलेक्टर टीकमगढ़ को पत्र भेजकर प्रस्तावित भूमि के संबंध में 5 बिन्दुओं की जानकारी 15 दिवस में भेजने के निर्देश दिये हैं। जिसमें विभाग ने कलेक्टर से पूछा है कि हवाई पट्टी के लिये भूमि कब आरक्षित की गई थी। आरक्षित भूमि आरक्षण दिनांक को पूर्णता रिक्त थी अथवा दर्शाई गई शासन की परिसम्पत्तियाँ निर्मित थीं। कलेक्टर के पत्र में दिनांक 30 जनवरी 2021 में तहसील मोहनगढ़ द्वारा प्रस्तुत जानकारी के आधार पर प्रस्ताव भेजने का उल्लेख है। इस परिप्रेक्ष्य में यह स्पष्ट किया जावे कि जानकारी प्रस्तुत करने के पूर्व स्थल निरीक्षण किया गया था और उस समय यह परिसम्पत्तियाँ मौके पर दीं अथवा नहीं। यदि प्रस्ताव भेजने के समय पूर्व में परिसम्पत्तियाँ निर्मित थी तो ऐसी स्थिति में भी किन कारणों से प्रस्ताव भेजा गया। प्रेषित प्रतिवेदनों में यह उल्लेख किया गया है कि अतिक्रमण हटाने हेतु राजस्व प्रकरण में कार्यवाही प्रचलित है। उनकी अद्यतन स्थिति क्या है और क्या उपर्युक्त विवादित भूमि के अतिरिक्त अन्य कोई विकल्प जो निर्विवाद हो पर विचार किया जा सकता है, यदि हाँ तो संक्षिप्त विवरण 15 दिवस की समयावधि में भेजना सुनिश्चित करें।



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