Type Here to Get Search Results !
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

शिव पुराण की कथा में महाराज ने जलंधर की उत्पत्ति और वध की सुनाई कथा



पनवाडी के ग्राम वैंदो गैरोली व जगपुरा के ग्रामीणों द्वारा आयोजित किया गया धार्मिक कार्यक्रम
शुभ न्यूज जैतपुर महोबा। थाना पनवाड़ी के ग्राम वैंदो में श्रीश्री 1008 महायज्ञ एवं संगीत मय शिव पुराण का आयोजन किया गया जा रहा है। शिव पुराण की कथा का ऋषिकेश धाम से पधारे कथा व्यास शिव चैतन्य दास महाराज द्वारा उपस्थित श्रद्धालुओं को रसपान कराया जा रहा है। महाराज द्वारा रविवार की रात्रि जालंधर की उत्पत्ति, उसके की कथा सुनाई। इस धार्मिक कार्यक्रम ग्राम वैदो, गैरोली व जगपुरा के ग्रामीणों के सहयोग से किया जा रहा है, जिसमें सैकड़ों महिला पुरुष कथा सुनकर पुन्य अर्जित कर रहे हैं।
ऋषिकेश धाम से पधारे महाराज ने जालंधर की कथा का वर्णन करते हुए कहा कि भगवान शिव ने देवराज इंद्र के अहंकार को नष्ट करने के लिए अपनी तीसरी आंख खोली थी। तीसरी आंख से निकली ऊर्जा को भगवान शिव ने समुद्र में फेंक दिया, जिससे जलंधर का जन्म हुआ। जलंधर में अपार शक्ति थी और अपने शक्तिशाली होने का वह अभिमान करता था। जलंधर ने विष्णु को परास्त कर देवी लक्ष्मी को छीन लेने की योजना बनाई, इसके चलते उसने बैकुंठ पर आक्रमण कर दिया, लेकिन देवी लक्ष्मी ने जलधर से कहा कि हम दोनो ही जल से उत्पन्न हुए है इसलिए हम भाई बहन हैं। देवी की बातों से जलंधर प्रभावित हो गय और बैकुंड से चला गया और इसके बाद उसने कैलाश पर आक्रमण कर दिया, जिस कारण भगवान शिव को जलंधर से युद्ध करना पड़ा, लेकिन जलंधर की पत्नी वृंदा के सतीत्व के कारण भगवान शिव का हर प्रहार जलंधर निष्फल कर देता था। 


कथा व्यास ने बताया कि देवताओं ने मिलकर योजना बनाई भगवान विष्णु जलंधर का वेष धारण कर वृंदा के पास पहुं गए और वृंदा ने भगवान विष्णु को अपना पति समझकर उनके साथ पत्नी के समान व्यवाहर किया, जिससे वृंदा का पतिव्रत धूट गया और श्ज्ञिव ने जलंधर का वध कर दिया। विष्णु द्वारा सतीत्व् भग किए जाने पर वृंदा ने आत्मदाह कर लिया, तब उसकी रास के ऊपर तुलसी का एक पौधा जन्मा और तभी से तुलसी देवी वृंदा का ही स्वरूप् है, जिसे भगवान विष्णु लक्ष्मी से भी अधिक प्रिय मानते हैं।  इस मौके पर यज्ञाचार्य पं0 रामगोपाल शास्त्री बसेला द्वारा उनका यज्ञ में मंत्रोच्चारण, आहुति (हवन) और अन्य अनुष्ठान का संचालन किया गया। धार्मिक आयोजन में विशाखा, दीपेंद्र पाल, निधि सौनकिया, शिव सौनकिया सहित तमाम ग्रामों के ग्रामीण मौजूद रहे।



- - इसे भी पढ़ें - -

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad