Type Here to Get Search Results !
पाए सभी खबरें अब WhatsApp पर Click Now

क्रोध दौरान ग्रहण किया गया भोजन होता है विष के समान : एलसी अनुरागी



0 संत कबीर अमृत वाणी सत्संग समिति के तत्वावधान में आयोजित हुए सत्संग कार्यक्रम
शुभ न्यूज महोबा। संत कबीर अमृत वाणी सत्संग समिति के तत्वावधान में शहर के संत कबीर आश्रम में रविवार को सत्संग कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें वक्ताओं ने कबीरी दोहे के अलावा श्रीमद भागवत गीता के श्लोक के माध्यम से काम क्रोध व लोभ की व्याख्या करते हुए तीनों को  नरक का द्वार बताया गया। इस मौके पर साहित्यकारों व रचनाकारों ने भी अपनी अपनी रचना भजन और विचारों से लोगों को संतों जीवन जीने की दिशा बताई।
सत्संग की शुरुआत कबीर वंदना जय कबीर जय कबीर जय गुरू कबीरा, दा तोरे द्वार खड़े उनकी हरो पीरा से की गई। इसके बाद समिति प्रमुख व साईं डिग्री कालेज के के प्राचार्य डा0 एलसी अनुरागी ने श्रीमद्भागवत  गीता क श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा कि मनोवैज्ञनिकों के अनुसार क्रोध करने से मनुष्य के शरीर का रक्त दूषित हो जाता है और क्रोधावस्था में किया हुआ भोजन विष के समान हो जाता है, इसलिए मनुष्य को क्रोध नहीं करना चाहिए। बताया कि काम क्रोध और लोभ ये तीनों नरक के द्वार है। उन्होंने जहां क्रोध वहां काल है जहां क्षमा तहां आप की विस्तार से व्याख्या की। त्रिविधं नरक स्येदं द्वारं नाशनमात्मनः, कामः क्रोधस्तथा लोभ स्तस्मादेतत्त्रयं त्यजेत। भजन गायक इंद्रजीत सिंह ने करम गटि टारै न टरै भजन की प्रस्तुति दी तो वहीं पं0 जगदीश रिछारिया ने कम भजहौ हरि नाम भजन सुनाया।
सत्संग में सुखराम स्नेही ने पुरानी तर्ज में शानदार भक्ति रचना बस्ती बस्ती पर्वत पर्वत गाता जाए बंजारा, लेके दिल का इक तारा सुनाया, जिसे लोगों द्वारा खूब सराहा गया। कामता प्रसाद चौरसिया ने अंखियां हरि दर्शन की प्यासी भजन सुनाकर लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। हरीशंकर नायक ने प्रेम जब अनंत हो गया, रोम रोम संत हो गया की बेहतरीन प्रस्तुति दी। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने कबीर पर रचना सुनाई कि तुम्हारा ही निसदिन नाम पुकारूं बना दे बिगरे काम। अधिवक्ता सुनीता अनुरागी ने कबीर का दोहा राम बुलावा भेजिया, दिया कबीरा रोय, जो सुख साधु संग में सो बैकुंठ न होय की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि स्वर्ग की तुलना में साधु संगति में सच्चा सुख प्राप्त होता है। कार्यक्रम में करताल वादक कमलापत, प्रेमचंद्र चौरसिया, पप्पू सैन, रामदीन अनुरागी सहित तमाम कबीरी भक्त मौजूद रहे।



- - इसे भी पढ़ें - -

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad