0 ईदगाह के अलावा तमाम मस्जिदों में नमाज अदा कर मांगी मुल्क में अमन चैन की दुआएं
शुभ न्यूज महोबा। जिले में ईदुलअजहा का त्योहार हर्षोत्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। मुस्लिम भाईयो ने नये नये कपडे पहनकर ईदगाह के अलावा विभिन्न मस्जिदों में जाकर पाकीजगी के साथ बकरीद की नमाज अदा की। नमाज के बाद अपासी भाईचारा और मुल्क की तरक्की व अमन चैन के लिये दुआयें मांगी गई। दुआ के बाद लोगों ने एक दूसरे के गले मिलकर बकरीद की मुबारक बाद दी। ईदुल्अहा की नमाज के दौरान सभी मस्जिदों में पुलिस फोर्स लगाई गई साथ ही समय समय पर पुलिस अधिकारियों द्वारा निरीक्षण कर जायजा भी लिया गया। नमाज अदा करने के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हुआ जो शाम तक चलता रहा।
शहर की शाही मस्जिद में ईदुलअजहा की नमाम सुबह 7-15 बजे हाफिज हनीफ साहब ने पढाई। 7-30 बजे ईदगाह में काजी ए शहर सैयद आफाक हुसैन ने 7-15 बजे ही मकनियापुरा की जमा मस्जिद में हाफिज हसन साहब ने, 7-45 बजे शहर की जमा मस्जिद में हाफिज अब्दुल खालिक ने और सुबह 8 बजे नूरानी मस्जिद में कारी सलीम साहब व चौसियापुरा की मस्जिद में कारी मुईन के अलावा शहर के मुहल्ला भटीपुरा, समदनगर सहित विभिन्न मस्जिदों में ईदुलअजहा की नमाज निर्धारित समय के मुताबिक अदा की गई। नमाज के बाद सभी ने गले मिलकर एक दूसरे को बकरीद की मुबारकबाद दी।
शहर के ईदगाह में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज महोबा। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह सीओ सदर और उपजिलाधिकारी सहित तमाम प्रशासनिक अधिकारियों ने ईदगाह पहुंचकर जायजा लिया और धर्म गुरुओं से बातचीत की। इसके बाद शहर काजी सहित तमाम लोगों से गले मिलकर ईदुलअजहा की मुबारकबाद दी। वहीं अधिकारियों ने पुलिस फोर्स के साथ शहर की शाही मस्जिद, नूरानी मस्जिद, जामा मस्जिद सहित विभिन्न मस्जिदों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया। उधर पनवाडी कस्बे में ईदुलअजहा की नमाज पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के बीच शान्तिपूर्ण तरीके से पढी गई। नमाज के बाद वतन की सलामती की दुआ मांगी गई। हमीदिया मस्जिद, काजीपुरा मस्जिद, देवगनपुरा सहित विभिन्न मस्जिदों में बकरीद की नमाज निर्धारित समय के मुताबिक अदा की गई।
इंसेट।
ईदुलअजहा की नमाज के बाद कुर्बानी का शुरू हुआ सिलसिला
ईदुलअजहा की नमाज के बाद लोगों ने अपने अपने घरों व अन्य स्थानों में कुर्बानियां कराई। नमाज के बाद से कुर्बानी का शुरु हुआ सिलसिला शाम तक चलता रहा। हाफिज मौलानाओं आलिम कारी ने दुआ पढकर कुर्बानी कराई। कुर्बानी के बाद लोगों ने एक दूसरे के घरों में कुर्बानी का गोस्त बांटा। कुर्बानी के गोस्त के वितरण के दौरान यह विशेष ख्याल रखा गया कि इसे गरीबों को ही दिया जाये। वहीं कुछ लोगां ने वितरण करने के बाद अपने अपने फ्रिज में भी रख लिया।

