टीकमगढ़ शहर के बाजार जैन मंदिर में 108 सौम्य सागर जी महाराज एवं 108 जैयंत सागर जी महाराज के सानिध्य में गुरु पूर्णिमा दिवस बड़े हर्ष, उत्साह, और धूमधाम के साथ मनाया गया|धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष नरेंद्र जनता ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रातः 7:00 बजे से श्रीजी का अभिषेक, शांति धारा, एवं 64 विधि विधान हुआ इसके बाद गुरु 108 पट्टाचार्य विशुद्ध सागर जी महामुनि राज जी की पूजन हुई एवं समाज के विद्वानों व मंदिर कमेटियों के पदाधिकारी ने उनके जीवन पर प्रकाश डाला एवं महाराज श्री के प्रवचन हुए महाराज श्री ने गुरु का महत्व समझाते हुए बताया जिसके पास गुरु होता है उसको कितने ही संकट आए गुरु शिष्य के संकट दूर कर देते हैं
नरेंद्र जनता ने गुरु जी से निवेदन किया कि टीकमगढ़ वासियो को आपका क्या शुभ संदेश है उन्होंने कहा कि टीकमगढ़ की धरती पुण्य की धरती है यह विद्वानों की नगरी है कर्म अच्छे करो पुण्य और वैभव आपके पीछे दौड़ेगा और कहां की प्रत्येक व्यक्ति को अपना सम्यक गुरु बनाना चाहिए वही हमें मोक्ष का मार्ग बताते हैं अर्थात सम्यक का मार्ग बताते हैं और उनके मार्ग पर चलकर हमें अपने जीवन को सफल बनाना है


