चरण सिंह बुंदेला,बड़ागांव धसान। नगर परिषद अध्यक्ष और पार्षदों के बीच चल रही अनबन के चलते बुधवार को नगर परिषद के सभा कक्ष में आयोजित हुई परिषद की साधारण सभा की बैठक में आखिरकार एक भी प्रस्ताव पारित नहीं हुआ है, एजेंडा में विभिन्न विकास कार्यों से संबंधित कुल 14 प्रस्ताव लाए थे जिन्हें पार्षदों ने सर्वसम्मति से अगली बैठक के लिए टाल दिया है । अध्यक्ष द्वारा मनमानी से लाए प्रस्तावों से परिषद प्रतिनिधियों में काफी नाराज थी, नगर परिषद अध्यक्ष सभी प्रस्तावों को पारित कराना चाहती थी, लेकिन पार्षद प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों को अगली बैठक के लिए टाल कर अपनी नाराजा का इजहार कर दिया।
दरअसल नगर परिषद में कुछ समय से अध्यक्ष और पार्षदों के बीच अनबन चल रही है। बैठक के दौरान काफी गहमा गहमी बनी रही। पार्षद इस बात से नाराज थे कि उनसे बिना पूछे बैठक का एजेंडा लाया गया । बैठक दोपहर 2:00 बजे से आयोजित की गई थी लेकिन 4 बजे तक गहमा गहमी बनी रही इसके बाद सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से अगली बैठक के लिए प्रस्तावों को टाल दिया है। बैठक में नगर परिषद उपाध्यक्ष एवं दो पार्षद अपरिहार्य कारणों से मौजूद नहीं थे शेष सभी पार्षद उपस्थित थे।
पार्षद जितेंद्र सिंघई , अजीज खान, सुखवती विश्वकर्मा, सुनील रैकवार, मोहन अहिरवार, राकेश यादव, रेखा चौरयाल, जीरा अहिरवार आदि ने बताया कि बैठक के लाए गए एजेंडा में विकास के बिंदुओं के बारे में उनसे नहीं पूछा गया है और ना ही कोई सहमति ली गई है, इस वजह से प्रस्ताव को पारित नहीं कर अगली बैठक के लिए टाल दिया गया है।
इन्होंने यह कहा
नगर परिषद अध्यक्ष भारती प्रजापति ने कहा की नगर विकास के लिए प्रस्ताव लाए गए थे, लेकिन पार्षदों की क्या नाराज थी इसका उन्हें पता नहीं है। हालांकि टाले गए प्रस्तावों को जल्द अगली बैठक में लाया जाएगा। वही सीएमओ सुषमा धाकड़ ने अध्यक्ष की अनुमति के अनुसार प्रस्ताव लाए गए थे, अब अगली बैठक के लिए अध्यक्ष तारीख तय करेगी फिलहाल प्रस्ताव डाल दिए गए हैं।
पिकनिक के निकल जा रहे हैं कई मायने
परिषद की बैठक होने से दो दिन पहले बजरंग आश्रम मंदिर में 10 पार्षदों की पिकनिक हुई थी इसमें अध्यक्ष एवं अध्यक्ष प्रतिनिधि को नहीं बुलाया गया था, बैठक में परिषद से जुड़े कई विषयों पर चर्चा हुई और यह बैठक नगर में चर्चा का विषय बन गई। अगस्त महीने में नई परिषद के गठन को 3 वर्ष होने वाले हैं, इस पिकनिक के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

