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राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान का प्रचार प्रसार कर जरुरतमंदों पहुंचाया जाएगा लाभ



0 जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव की अध्यक्षता में मध्यस्थता अधिवक्ताओं के साथ संपन्न हुई बैठक
शुभ न्यूज महोबा। अपर जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव तेन्द्र पाल की अध्यक्षता में बुधवार को कार्यालय में पीएलवी, पेनल लायर व मध्यस्थता अधिवक्ताओं के साथ एक बैठक का आयेजन किया गया। बैठक में मध्यस्थता अभियान आशा साथी तथा महिलाओं के कानूनों से संबन्धित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। इस मौके पर राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान को सफल बनाने हेतु समस्त आगन्तुको से इस अभियान में बढ़चढ़ कर प्रचार प्रसार करने तथा जरूरतमन्द व्यक्तियों तक इस अभियान के बारे में जानकारी पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार आयोजित बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण तथा मीडियेशन एवं कंसीलियेशन प्रोजेक्ट कमेटी, सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के तत्वावधान में सम्पूर्ण राष्ट्र में दिनांक 01 जुला्ई 30 सितम्बर 2025 तक राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान मे विभिन्न प्रकृति जैसे वैवाहिक वाद, मोटर  दुर्घटना प्रतिकर वाद, घरेलू हिंसा के मामले, चैक बाउन्स के मामले, वाणिज्यिक विवाद के मामले, सेवा विवाद के मामले, शमनीय आपराधिक मामले, उपभोक्ता विवाद के मामले. ऋण वसूली के मामले, सम्पत्ति के बंटवारें से सम्बन्धित मामले, बेदखली से सम्बन्धित मामले, भूमि अधिग्रहण के मामले एवं अन्य उपयुक्त दीवानी मामलों को मध्यस्थता के लिए सन्दर्भित कर निस्तारण कराया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि देश में बाल विवाह प्रथा पूर्णतयः समाप्त नहीं हुयी है, जिसके सम्बन्ध में आशा प्रोग्राम के माध्यम से ऐसे परिवारों को जागरूक करते हुए उन्हे इस प्रकार कार्यो में लिप्त होने से बचाए जाने का प्रयास किया जा रहा है तथा जो लोग बाल विवाह करा रहे हैं उन्हें कानूनी रूप से दण्डित भी किया जायेगा, ताकि समाज में बाल विवाह को पुर्णतयः खत्म किया जा सके।
बैठक में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, चाइल्ड ट्राफिकिंग, कन्या भू्रण हत्या, महिलाआें के अधिकार व उनके स्वास्थ्य सम्बन्धी विभिन्न कानूनी, सामाजिक प्रभावों एवं लाभों के बारे में जानकारियां प्रदान की गयी साथ ही उपस्थित महिलाआें को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 एवं बच्चां का लैंगिक अपराधां से संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) 2012 व महिलाओं का घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम 2005 तथा पूर्वगर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीकि पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1़994 तथा नालसा हेल्प लाइन नं0 15100 के बारे में विस्तार से बताया गया। बैठक दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम के बारे में बताया गया, जिसके अन्तर्गत सम्पूर्ण विधिक सेवा कार्यक्रम, जो आज भी अनवरत रूप से चल रहा है तथा इसके अन्तर्गत पीड़ित, गरीब परिवारों को निःशुल्क सहायता प्रदान की जाती है। इस मौके पर समस्त पराविधिक स्वयं सेवक, नामिका अधिवक्ता व अन्य लोग मौजूद रहे।


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