टीकमगढ़। पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह मंडलोई के निर्देशानुसार जिले के समस्त थाना चौकी प्रभारियों को आमजन की सहायता हेतु संवेदनशीलता एवं तत्परता के साथ कार्य करने हेतु “हेल्पिंग हैंड “ अभियान संचालित किया गया है। इसी अभियान की अनुपालना करते हुए थाना देहात पुलिस ने एक ज़रूरतमंद किशोरी की सहायता कर मानवीयता और कर्तव्यपरायणता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।
कल दिनांक 13 जुलाई 2025 को थाना देहात क्षेत्र में सूचना प्राप्त हुई कि एक *लड़की असहाय अवस्था में मिली है, जो अपने घर जाना नहीं चाहती है, मानसिकरूप से अवसाद ग्रस्त है एवं उसके पास आवागमन हेतु किराया नहीं है, न ही भोजन के लिए कोई साधन। यह स्थिति न केवल चिंताजनक थी, बल्कि एक संवेदनशील मानवीय दायित्व की मांग कर रही थी।
इस सूचना पर थाना प्रभारी देहात निरीक्षक चंद्रजीत यादव द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस बल मौके पर भेजा गया। लड़की से शांतिपूर्ण एवं सहानुभूतिपूर्वक बातचीत कर उसका नाम-पता तथा वर्तमान स्थिति जानी गई। उसने स्पष्ट किया कि उसका नाम मानसी बिल्थरे क़स्बा शाहगढ़ जिला सागर की रहने बाली है एवं निकटतम संबंधी की मृत्यु हो जाने से मानसिक रूप से परेशान है जिस कारण घर छोड़कर टीकमगढ़ स्थित वृद्धाश्रम में रहने आई है लेकिन वृद्धाश्रम में उसे रखने से मना कर दिया गया है जिससे आर्थिक अभाव के कारण घर वापस लौट पाना उसके लिए संभव नहीं हो पा रहा था।
इस पर पुलिस टीम द्वारा उसके परिजनों से संपर्क कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया गया। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर से समन्वय* कर लड़की के रात्रि विश्राम एवं भोजन की समुचित व्यवस्था की गई। अगले दिन पुलिस द्वारा परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए किशोरी को सकुशल *उसके परिजनों के पास घर भेज दिया गया।
यह घटना न केवल पुलिस की सजगता का परिचायक है, बल्कि यह प्रमाणित करती है कि "पुलिस केवल कानून की संरक्षक नहीं, बल्कि संवेदना की संवाहक भी है।"
थाना देहात पुलिस* द्वारा किया गया यह कार्य समाज में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक सुदृढ़ करता है एवं यह प्रेरणा देता है कि मानवीयता और कर्तव्य जब एक साथ चलते हैं, तो समाज सुरक्षित और सशक्त बनता है।

